सोनीपत खबर:सोनीपत नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने कमल दीवान उतारे
कांग्रेस के मेयर उम्मीदवार कमल दीवान।
सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत नगर निगम चुनाव 2026 को लेकर कांग्रेस ने अपना मेयर उम्मीदवार शनिवार को घोषित कर दिया है। दिल्ली में हुई आलाकमान की बैठक के बाद पार्टी ने कमल दीवान के नाम पर अंतिम मुहर लगाई। वर्तमान में कमल दीवान सोनीपत शहरी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हैं और संगठन में लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। पार्टी नेताओं का मानना है कि शहर की राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ और संगठनात्मक अनुभव चुनाव में लाभ दिला सकता है।
राजनीतिक जानकार बताते हैं कि कमल दीवान को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबी माने जाते हैं। इसी कारण पार्टी नेतृत्व ने निकाय चुनाव में उन पर फिर भरोसा जताया है। कांग्रेस के स्थानीय पदाधिकारियों का कहना है कि इस बार चुनाव पूरी तैयारी और एकजुटता के साथ लड़ा जाएगा।
कमल दीवान लंबे समय से सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। वह दीवान चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से कई सामाजिक और धार्मिक कार्यों से जुड़े हुए हैं। पार्टी के अनुसार, जिलाध्यक्ष रहते हुए उन्होंने शहर में संगठन को मजबूत करने, खासकर पंजाबी और अल्पसंख्यक मतदाताओं को जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यही नेटवर्क चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
चुनावी अनुभव की बात करें तो कमल दीवान पहले भी मेयर का चुनाव लड़ चुके हैं। 2025 के उपचुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में मुकाबला किया था, लेकिन उन्हें भाजपा के राजीव जैन से हार का सामना करना पड़ा। उस समय पार्टी के भीतर गुटबाजी को हार का प्रमुख कारण माना गया था। अब कांग्रेस ने दोबारा उन्हें उम्मीदवार बनाकर स्पष्ट संकेत दिया है कि पार्टी इस बार पिछली कमियों को दूर कर चुनाव मैदान में उतरना चाहती है।
इस चुनाव में कमल दीवान भ्रष्टाचार मुक्त नगर निगम और शहर के विकास को मुख्य मुद्दा बना रहे हैं। उनके प्रमुख वादों में निगम में भ्रष्टाचार समाप्त करना, शहर की सफाई व्यवस्था सुधारना, सफाई कर्मचारियों के लंबित वेतन जारी करवाना और प्रॉपर्टी आईडी व एनओसी से जुड़ी समस्याओं का समाधान शामिल है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि शहर के मतदाता विकास और पारदर्शिता के मुद्दों पर मतदान करेंगे। निकाय चुनाव की घोषणा के बाद कांग्रेस संगठन ने चुनावी गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी का मानना है कि मजबूत संगठन, स्थानीय जुड़ाव और नेतृत्व के समर्थन के दम पर इस बार मेयर पद जीतने की पूरी संभावना है।
