August 20, 2026

कवि दल्लीचंद जांगिड़

जीवन में हर किसी को महत्व दें, क्योंकि हर व्यक्ति हमारे जीवन में किसी न किसी उद्देश्य से आता है।...

पंच महायज्ञ परमपिता परमात्मा ने सबसे सुंदर जीव मनुष्य की रचना की है। इसको बोलने की, समझने की, हंसने की...

अरे हल्दीघाटी री माटी बोलै है, चेतक री टापां आज भी डोलै है, कुण कहवै राणा हार'र गयो, अरे वो...

मुंबई , जीजेडी न्यूज। जब हम गांवों में थे तब हमारा विकास मंद गति का था, लेकिन हम सबके साथ...

जांगिड़ ब्राह्मणों से करते है हम यह निवेदन.... खुद जाग के समाज को जगा दो जांगिड़ ब्राह्मणों। कर्त्तव्य जानो और...

नदियां कल कल बहती रहती पहाड़ों से उछल-कूद कर पत्थरों से टकराती बल खाती नाग-मोड़ तीव्र चाल ये चलती अपना...

बच्चे के जन्मते ही घर परिवार में खुशीयां छाई हजार। महिलाओं ने मंगळा गीत गाए चार, माँ फुली न समाई...