छात्रों के समर्थन में उतरे बजरंग पूनिया: बोले- हक की आवाज को डंडों से नहीं दबाया जा सकता
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में अब पहलवान और कांग्रेस नेता बजरंग पूनिया भी खुलकर सामने आए।
सोनीपत, अजीत कुमार। जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के समर्थन में अब ओलंपियन पहलवान और कांग्रेस नेता बजरंग पूनिया भी खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की और कहा कि छात्रों के साथ जो कुछ हुआ, उसे देखकर वह चुप नहीं रह सके। उन्होंने कहा कि यह केवल छात्रों का नहीं, बल्कि देश के भविष्य और लोकतांत्रिक अधिकारों का सवाल है।
बजरंग पूनिया ने कहा कि जंतर-मंतर पर अपने अधिकारों की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं के साथ जिस प्रकार पुलिस ने कार्रवाई की, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके अनुसार छात्र अपने भविष्य और न्याय की मांग कर रहे थे, लेकिन उन्हें बल प्रयोग का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी बात शांतिपूर्वक रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है।
“छात्रों की आवाज़ दब नहीं सकती। ✊🇮🇳”#Students #StudentProtest #Justice #India #VoiceOfYouth #Trending pic.twitter.com/XdDzaNN5vX
— Bajrang Punia 🇮🇳 (@BajrangPunia) July 21, 2026
उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और बल प्रयोग किया गया। बजरंग ने कहा कि जिन पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई की, उनके अपने घरों में भी बच्चे होंगे और वे भी शिक्षा का महत्व समझते होंगे। उनका कहना था कि सुरक्षा बलों का दायित्व नागरिकों की सुरक्षा करना है, न कि उनकी आवाज को दबाना।
बजरंग पूनिया ने कहा कि वह स्वयं प्रतियोगिता के सिलसिले में विदेश में होने के कारण पहले छात्रों के बीच नहीं पहुंच सके, लेकिन अब वह उनके समर्थन में खुलकर खड़े हैं और जल्द ही जंतर-मंतर पहुंचकर छात्रों का हौसला बढ़ाएंगे। उन्होंने सभी नागरिकों से भी छात्रों के समर्थन में आगे आने की अपील की।
अपने वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि देश में जो भी अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाता है, चाहे वह छात्र हो, किसान हो या खिलाड़ी, उसे विरोध और दबाव का सामना करना पड़ता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि छात्र, किसान, खिलाड़ी और समाज के सभी वर्ग एकजुट होकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करें।
बजरंग पूनिया ने महिला पहलवानों के आंदोलन और किसान आंदोलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महिला खिलाड़ियों ने भी न्याय की मांग को लेकर संघर्ष किया था और किसानों ने भी लंबे समय तक आंदोलन किया। उनका कहना था कि लोकतंत्र में संवाद और न्यायपूर्ण समाधान ही सबसे प्रभावी रास्ता है।
उन्होंने कहा कि छात्रों का मुद्दा किसी एक दल या संगठन का नहीं, बल्कि देश के हर परिवार से जुड़ा विषय है, क्योंकि लगभग हर घर का कोई न कोई बच्चा शिक्षा प्राप्त कर रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें पहले भी विभिन्न मामलों में परेशान किया गया और डोपिंग प्रकरण में भी उन्हें अनावश्यक रूप से घेरा गया।
बजरंग पूनिया ने अपने संदेश के अंत में कहा कि यदि देश के भविष्य को सुरक्षित रखना है तो छात्रों की आवाज को गंभीरता से सुनना होगा। उन्होंने सभी नागरिकों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से छात्रों के अधिकारों के समर्थन में एकजुट होने की अपील की।
