October 23, 2026

सोनीपत क्राइम: टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में हरियाणा के सात आरोपी गिरफ्तार

Sonipat: Seven accused from Haryana arrested in Tiger Shroff firing case

सोनीपत: संकल्प लेते हुए।

सोनीपत, अजीत कुमार। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में अब तक गिरफ्तार 10 आरोपियों में सात हरियाणा के हैं और इनका संबंध सोनीपत जिले से बताया जा रहा है। विदेश में बैठकर साजिश रचने का आरोपी अनिल पंडित पानीपत का रहने वाला है। मुंबई पुलिस और सोनीपत एसटीएफ मामले में हथियारों की आपूर्ति, रेकी और आरोपियों के आपसी संपर्कों की जांच कर रही हैं।

पुलिस के मुताबिक, बुधवार देर रात सोनीपत से समीर और नितिन को गिरफ्तार किया गया। समीर पर फायरिंग करने वाले तीन शूटरों के करीबी होने का आरोप है। इन शूटरों को राजस्थान के कोटा से पकड़ा गया था। इनमें सोनीपत के फूल सिंह और रेहान के अलावा बिहार का ऋतिक शामिल है। नितिन पर अमृतसर से हथियार लाकर शूटरों तक पहुंचाने का आरोप है। शुरुआत में फूल सिंह को नाबालिग बताया गया था, लेकिन जांच में उसकी उम्र 18 वर्ष निकली।

इससे पहले सोनीपत के कुणाल, सुमित और गोहाना के अंकित को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, अंकित ने फायरिंग से पहले टाइगर श्रॉफ की रेकी की और भागने के रास्तों का पता लगाया। उस पर वारदात के दौरान बाइक चलाने और शूटरों के भागने की योजना बनाने का भी आरोप है। पुलिस जांच में अभिनेता रणबीर कपूर के घर की रेकी किए जाने की बात भी सामने आई है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, विदेश में बैठा अनिल पंडित कथित तौर पर कुणाल, सुमित और नितिन के जरिए अमृतसर से हथियार मुंबई पहुंचवाना चाहता था। आरोप है कि एक पिस्तौल और 20 कारतूस लाए गए। इन्हें मुंबई पहुंचाने में कुणाल की गर्लफ्रेंड राधा और उसकी सहेली बबीता की भूमिका सामने आई है। दोनों उत्तर प्रदेश की रहने वाली हैं और बहालगढ़ की एक फैक्ट्री में काम करती हैं। पुलिस के मुताबिक, कुणाल ने दोनों को 15 से 20 हजार रुपये देने का लालच देकर नेटवर्क से जोड़ा था।

कुणाल पर सोनीपत में मारपीट, रास्ता रोकने और धमकी देने का मामला भी दर्ज है। यह मामला 4 जून 2024 का है। इसके अलावा पानीपत में मनी एक्सचेंजर कार्यालय पर फायरिंग और रंगदारी के मामले में भी उसका नाम सामने आया था। इस मामले में वह जेल गया था और 15 मई को बाहर आया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पानीपत की वारदात को लॉरेंस गिरोह के रणदीप मान के इशारे पर अंजाम दिए जाने का आरोप है।

कुणाल 19 अक्टूबर को रोडरेज की घटना में घायल हुआ था। उसके सिर पर चोट लगी थी। 20 अक्टूबर की सुबह दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे पीजीआई रोहतक से गिरफ्तार किया। उसकी दादी माया देवी के मुताबिक, परिवार को पुलिस की कार्रवाई के बाद ही इस मामले में उसकी भूमिका की जानकारी मिली।

खरखौदा में किराये पर रहने वाला सुमित मूल रूप से रोहतक जिले के रिठाल गांव का निवासी है और रेडीमेड कपड़ों की दुकान पर काम करता है। उसकी मां आशा ने बताया कि 14-15 अक्टूबर को पड़ोस में रहने वाला नितिन उसे खाटूश्याम धाम जाने की बात कहकर साथ ले गया था। बाद में पुलिस सुमित को अपने साथ ले गई। आशा ने आरोप लगाया कि कुणाल ने उनके बेटे को फंसाया है।

पुलिस के अनुसार, रेहान और फूल सिंह से पूछताछ में अंकित का नाम सामने आया। तीनों वारदात से पहले साथ थे। अंकित के नेपाल जाने और वहां संभावित ठिकाने तलाशने की बात भी जांच में सामने आई है। हालांकि, वह वारदात से एक दिन पहले मुंबई से निकल गया था। उसके बैंक खाते में अलग-अलग खातों से करीब 35 हजार रुपये आने की जानकारी भी पुलिस को मिली है। पुलिस को शक है कि यह रकम गिरोह से जुड़े लोगों ने भेजी थी।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि रेहान और फूल सिंह की बिहार के ऋतिक से मुलाकात के महज 20 दिन के भीतर तीनों के बीच संपर्क कैसे बना और हथियारों की व्यवस्था से लेकर रेकी तक की जिम्मेदारियां कैसे बांटी गईं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए पूरे नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति और विदेश में बैठे कथित संचालक की भूमिका की जांच की जा रही है।

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