खरखौदा में मारुति सुज़ुकी का अत्याधुनिक संयंत्र शुरू: हरियाणा बनेगा वैश्विक ऑटोमोबाइल विनिर्माण का नया केंद्र
मारुति सुज़ुकी इंडिया लिमिटेड के अत्याधुनिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का गुरुवार को भव्य उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया।
सोनीपत, अजीत कुमार। हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखौदा में स्थापित मारुति सुज़ुकी इंडिया लिमिटेड के अत्याधुनिक वाहन विनिर्माण संयंत्र का गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। नई दिल्ली में आयोजित भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच के दौरान हुए इस उद्घाटन को दोनों देशों की औद्योगिक साझेदारी के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
करीब 800 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस अत्याधुनिक संयंत्र की प्रारंभिक उत्पादन क्षमता प्रतिवर्ष 5 लाख वाहनों की है, जिसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 10 लाख वाहन प्रतिवर्ष किया जाएगा। कंपनी इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 35 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगी। पूर्ण क्षमता पर पहुंचने के बाद यह संयंत्र दुनिया के सबसे बड़े वाहन विनिर्माण केंद्रों में शामिल होगा तथा 21 हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगा।

मारुति सुज़ुकी के अनुसार यह संयंत्र अत्याधुनिक सुज़ुकी स्मार्ट फैक्ट्री अवधारणा और इंडस्ट्री 5.0 तकनीक पर आधारित है। यहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता समर्थित डिजिटल निगरानी प्रणाली, मानव सहयोगी रोबोट तथा स्वचालित उत्पादन प्रक्रियाओं का उपयोग किया जाएगा। इससे उत्पादन की गुणवत्ता, कार्यस्थल की सुरक्षा और दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, साथ ही ऊर्जा की खपत भी कम होगी।
पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए इस संयंत्र को पूरी तरह हरित ऊर्जा आधारित बनाया गया है। वर्तमान में यहां 20 मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र कार्यरत है, जिसे वर्ष 2030 तक बढ़ाकर 70 मेगावाट किया जाएगा। इसके अलावा प्रतिदिन 10 टन क्षमता का जैव गैस संयंत्र तथा ऊर्जा भंडारण प्रणाली भी विकसित की जा रही है।
संयंत्र में शून्य तरल अपशिष्ट प्रणाली लागू की गई है, जिसके तहत उपयोग किए गए जल का पूर्ण पुनर्चक्रण किया जाएगा। वर्षा जल संचयन और पुनर्चक्रित जल के माध्यम से अधिकांश जल आवश्यकता पूरी होगी। वहीं, वाहन परिवहन के लिए परिसर में रेलवे साइडिंग विकसित की जाएगी, जिससे सड़क यातायात का दबाव और ईंधन की खपत दोनों कम होंगी।
कंपनी सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत आसपास के गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और कौशल विकास कार्यक्रम भी संचालित कर रही है। जापान-भारत विनिर्माण संस्थान के माध्यम से अब तक 2,600 से अधिक युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
सुज़ुकी मोटर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष तोशिहिरो सुज़ुकी ने कहा कि खरखौदा संयंत्र भारत-जापान सहयोग, मेक इन इंडिया और विश्व के लिए भारत में निर्माण की अवधारणा को नई मजबूती देगा। उन्होंने बताया कि कंपनी का पहला बैटरी चालित विद्युत वाहन ई-विटारा भी भारत में निर्मित होकर विश्व के 100 देशों में निर्यात किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना भारत को वैश्विक ऑटोमोबाइल विनिर्माण और निर्यात केंद्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
