सोनीपत: गंदा पानी और कूड़ा लेकर निगम पहुंचे पार्षद प्रतिनिधि, भारी रोष प्रदर्शन
सोनीपत: पार्षद प्रतिनिधि कूड़ा बांधकर घसीट कर नगर निगम कार्यालय के अंदर जाते हुए।
सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत शहर में बिगड़ती सफाई व्यवस्था, सीवर ओवरफ्लो और घरों में दूषित पेयजल आपूर्ति के विरोध में मंगलवार को नगर निगम कार्यालय में भाजपा और कांग्रेस से जुड़े पार्षद प्रतिनिधियों ने अलग-अलग तरीके से प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान गंदे पानी से भरे मटके और कांवड़ नगर निगम आयुक्त के सामने रखकर शहर की समस्याओं का समाधान करने की मांग उठाई गई।
वार्ड पांच के पार्षद प्रतिनिधि मुकेश सैनी कंधे पर गंदे पानी से भरी कांवड़ उठाकर और कमर से रस्सी के सहारे कूड़ा बांधकर नगर निगम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं, सीवर ओवरफ्लो की समस्या लगातार बनी हुई है और सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित है, लेकिन नगर निगम प्रशासन प्रभावी कदम नहीं उठा रहा।

दूसरी ओर वार्ड 16, 19, 21 और 22 के कांग्रेस पार्षद प्रतिनिधियों ने जिला पार्षद संजय बडवासनिया ने प्रदर्शन किया। उनके साथ बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं निगम कार्यालय पहुंचीं। महिलाएं अपने घरों में आने वाला दूषित पानी मटकों में भरकर लाई थीं। उन्होंने अधिकारियों के सामने मटके रखकर कहा कि यही पानी रोजाना घरों में सप्लाई हो रहा है और लोग इसे पीने के लिए मजबूर हैं।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा और कांग्रेस दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों ने आयुक्त के सामने गंदे पानी से भरी कांवड़ और मटके रख दिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि यह पानी पीने योग्य है तो अधिकारी स्वयं इसे पीकर दिखाएं। इस दौरान निगम अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से पेयजल में सीवर का पानी मिलकर घरों तक पहुंच रहा है। पानी से बदबू आती है और उसका रंग भी बदला हुआ रहता है। लोगों का कहना है कि दूषित पानी के कारण त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं तथा बच्चे और बुजुर्ग अधिक प्रभावित हो रहे हैं। कई बार शिकायतें देने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हो सका।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नगर निगम को कागजों की बजाय जमीन पर काम करना चाहिए। उनका आरोप है कि शिकायतों पर केवल आश्वासन दिए जाते हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी रहती है। प्रदर्शन के बाद नगर निगम प्रशासन ने प्रतिनिधियों से बातचीत की और सफाई व्यवस्था सुधारने, सीवर ओवरफ्लो की समस्या दूर करने तथा दूषित पेयजल की शिकायतों के समाधान का आश्वासन दिया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।
