सोनीपत: ड्रेन में गंदा पानी छोड़ने वालों पर अब होगी कानूनी कार्रवाई :आयुक्त राजीव
सोनीपत: उपायुक्त नेहा सिंह अधिकारियों से चर्चा करते हुए।
सोनीपत, अजीत कुमार। रोहतक मंडलायुक्त राजीव रतन ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सोनीपत उपायुक्त के साथ बैठक कर यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए तैयार ड्रेनवार योजना की मंगलवार को समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले से गुजरने वाली किसी भी ड्रेन में बिना शोधन किया गया गंदा पानी नहीं जाना चाहिए। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करें।
राजीव रतन ने कहा कि यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। प्रत्येक जिले में ड्रेनवार योजना का गंभीरता से पालन किया जाए। किसी भी हालत में ड्रेनों में औद्योगिक अपशिष्ट या सीवरेज का बिना शोधन किया गया पानी नहीं छोड़ा जाए। उन्होंने शहरी निकाय विभाग को भी निर्देश दिए कि नगर क्षेत्रों से निकलने वाले सीवरेज और गंदे पानी का पूरा शोधन सुनिश्चित किया जाए। आवश्यकता के अनुसार योजना बनाकर समयबद्ध कार्रवाई की जाए।
बैठक के बाद उपायुक्त नेहा सिंह ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि औद्योगिक क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी औद्योगिक इकाई रासायनिक या अन्य अपशिष्ट सीधे ड्रेनों में न डाले। यदि कोई इकाई पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करती पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
उपायुक्त ने कहा कि सभी संबंधित विभाग नियमित रूप से ड्रेनों की निगरानी करें और जल गुणवत्ता की जांच भी कराते रहें, ताकि प्रदूषण के स्रोतों की समय रहते पहचान कर उनका समाधान किया जा सके। पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ जल स्रोतों की सुरक्षा सभी विभागों की साझा जिम्मेदारी है।
बैठक में डीडीपीओ मनीष मलिक, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अजय सिंह, एसएमडीए के अधीक्षण अभियंता केके धनखड़, डीटीपी नीलम शर्मा, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता नितिन भट्ट और नवीन गोयत, नगर निगम के कार्यकारी अभियंता राहुल पुनिया तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
