June 23, 2026

सोनीपत डीसी नेहा सिंह: सोनीपत में शहजादपुर सरपंच मामले में नया मोड़, निलंबन रहेगा जारी

New twist in the Shahzadpur Sarpanch case in Sonipat; suspension to remain in effect.

सोनीपत: उपायुक्त नेहा सिंह।

सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत के गांव शहजादपुर के सरपंच पद से जुड़े दीपक शर्मा मामले में प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। रोहतक मंडल आयुक्त द्वारा सरपंच पद से हटाने के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाए जाने के बाद उपायुक्त नेहा सिंह ने विस्तृत स्पष्टीकरण आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि रोक केवल सरपंच पद से हटाने के आदेश पर लागू होगी, जबकि तीन जुलाई 2025 का निलंबन आदेश पहले की तरह प्रभावी रहेगा।

उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि दीपक शर्मा को फिलहाल पद से हटाया गया सरपंच नहीं माना जाएगा, लेकिन निलंबन जारी रहने के कारण वे सरपंच के अधिकारों का प्रयोग नहीं कर सकेंगे और न ही पंचायत का कार्यभार संभाल पाएंगे।

मामला शहजादपुर ग्राम पंचायत में सोलर स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत के नाम पर पंचायत खाते से राशि निकाले जाने से जुड़ा है। प्रशासन के अनुसार प्रारंभिक जांच में 92 सोलर स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत के नाम पर पंचायत खाते से 4 लाख 63 हजार 680 रुपये की राशि अनधिकृत रूप से निकाले जाने के तथ्य सामने आए थे। इसी आधार पर तीन जुलाई 2025 को दीपक शर्मा को निलंबित किया गया था। निलंबन आदेश को चुनौती देते हुए दीपक शर्मा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचे थे। हाईकोर्ट के निर्देश पर नियमित जांच कराई गई। अतिरिक्त उपायुक्त एवं जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। जांच अधिकारी ने सभी पक्षों को सुनने के बाद 9 फरवरी 2026 को अपनी रिपोर्ट सौंपी। इसके बाद दीपक शर्मा को कई बार व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी दिया गया।

जांच रिपोर्ट और जवाब पर विचार करने के बाद तत्कालीन उपायुक्त ने 19 मार्च 2026 को हरियाणा पंचायती राज अधिनियम की धारा 51(3)(ई) के तहत दीपक शर्मा को सरपंच पद से हटा दिया था। साथ ही कथित गबन राशि की वसूली, नुकसान का आकलन, प्राथमिकी दर्ज कराने तथा पंचायत संचालन की वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश दिए गए थे। इसके खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करते हुए रोहतक मंडल आयुक्त ने 21 मई 2026 को हटाने के आदेश के क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी थी। अब उपायुक्त नेहा सिंह ने स्पष्ट किया है कि यह रोक केवल हटाने के आदेश तक सीमित है। जांच रिपोर्ट, वसूली प्रक्रिया, नुकसान आकलन तथा अन्य कानूनी कार्रवाई से जुड़े तथ्य रिकॉर्ड पर यथावत बने रहेंगे। वहीं बीडीपीओ सोनीपत को पंचायत कार्यों की वैकल्पिक व्यवस्था जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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