सोनीपत: हड़ताल से सफाई ठप, चुनाव में वोट बहिष्कार चेतावनी
सोनीपत: गोहाना में प्रदर्शन करते हुए सफाई कर्मी।
सोनीपत, अजीत कुमार। नगर पालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर सोनीपत, गोहाना और खरखौदा में सफाई कर्मचारियों व फायर ब्रिगेड कर्मियों की संयुक्त हड़ताल शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल के कारण कूड़ा उठान पूरी तरह बंद हो गया और शहरों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए, जिससे आमजन को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
कर्मचारियों ने नगर निगम और नगर परिषद कार्यालयों के बाहर धरना देकर नारेबाजी की।
उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले न्यूनतम वेतन लागू करने पर सहमति दी थी, लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया। कर्मचारियों की मुख्य मांग न्यूनतम वेतन तीस हजार रुपए तय करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने और पुरानी पेंशन योजना लागू करने की है।
कर्मचारियों का कहना है कि दिसंबर 2025 को हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद नियम लागू नहीं किए गए। उनका आरोप है कि कानूनी आदेशों की अनदेखी कर कर्मचारियों के अधिकार दबाए जा रहे हैं, जिससे उनमें रोष बढ़ता जा रहा है। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर समर्थन दिया। उन्होंने बताया कि वे पिछले 25 दिनों से हड़ताल पर हैं, लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। जोखिम भत्ता, वेतन बढ़ोतरी और ठेका प्रथा खत्म करने की मांग को लेकर उनका आंदोलन जारी है।
कर्मचारियों ने निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के विरोध का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि वे चुनाव में वोट नहीं देंगे और विरोध अभियान चलाएंगे। चुनाव के दौरान प्रदर्शन की भी चेतावनी दी गई है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो हड़ताल अनिश्चितकालीन कर दी जाएगी और आंदोलन तेज किया जाएगा।
