सोनीपत क्राइम: अमेरिका भेजने के नाम पर 50 लाख की ठगी, युवक ने जहर खाया
सोनीपत: अस्पताल में परिजन और इनसेट में रोहित का फाइल फोटो।
सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत के गांव झरौठी के 31 वर्षीय युवक ने अमेरिका भेजने के नाम पर 50 लाख रुपये की हुई कथित ठगी और मानसिक दबाव से तंग आकर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने गांव के कुछ लोगों पर विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी, धमकी और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। बुधवार को शव पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल में रखवाया गया है और पुलिस को शिकायत दी गई है।
मृतक रोहित के ताऊ महेंद्र के अनुसार आत्महत्या से पहले रोहित ने उन्हें फोन कर कहा था कि अब वह जिंदा नहीं रहेगा उसका शव ही घर पहुंचेगा। रोहित का सपना विदेश जाने का था। परिवार ने बताया कि युवक ने अपने ताऊ के माध्यम से एक एकड़ जमीन बेचकर लगभग एक करोड़ रुपये जुटाए थे। इसमें से करीब 50 लाख रुपये विदेश भेजने का भरोसा दिलाने वाले दलालों को दे दिए गए। आरोप है कि रकम लेने के बाद युवक को अलग-अलग देशों में घुमाया गया लेकिन अमेरिका नहीं भेजा गया और अंत में उसे वापस भारत लौटा दिया गया।
परिवार के अनुसार युवक को पहले ब्राजील भेजा गया, जहां उसे लगभग दो महीने रखा गया। इसके बाद मुंबई में करीब 15 दिन रोकने के बाद इथियोपिया भेज दिया गया। वहां भी दो महीने रखने के बाद अमेरिका भेजने का झांसा दिया गया, लेकिन अंत में उसे भारत वापस भेज दिया गया। पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने पहले आश्वासन दिया और शपथपत्र भी दिया, लेकिन बाद में मुकर गए। इसके बाद युवक और उसके भाई को झूठे मामले में फंसाने की धमकियां मिलने लगीं। परिजनों का कहना है कि लगातार दबाव के कारण युवक गहरे तनाव में था और कई बार अपनी परेशानी जताई थी। आत्महत्या से पहले उसने अपने ताऊ को फोन कर कहा कि अब वह जीवित नहीं रहेगा और उसकी डेड बॉडी ही घर पहुंचेगी।
बताया गया कि 31 मार्च की रात युवक छोटूराम चौक स्थित एक रेस्टोरेंट में रिश्तेदार के साथ बैठा था। आरोप है कि वहीं उसने सल्फास की गोलियां खा लीं। परिजन इसे उकसाने का मामला भी बता रहे हैं। संबंधित व्यक्ति का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि जल्द कार्रवाई नहीं होने पर शव रखकर प्रदर्शन करेंगे। सिटी थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है और तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की बात कह रही है।
