श्री धन्वंतरि आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल: जीवनशैली रोगों के इलाज में आयुर्वेद सबसे टिकाऊ विकल्प: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
जीवनशैली रोगों के इलाज में आयुर्वेद सबसे टिकाऊ विकल्प: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़, जीजेडी न्यूज। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि आज के आधुनिक जीवन में बढ़ते तनाव, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसे जीवनशैली रोगों के समाधान के लिए आयुर्वेद सबसे प्रभावी और टिकाऊ विकल्प बनकर उभर रहा है। चंडीगढ़ में आयोजित श्री धन्वंतरि आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने आयुर्वेद की समग्र चिकित्सा पद्धति पर जोर दिया, जो शरीर के साथ-साथ मन और आत्मा के संतुलन पर भी ध्यान देती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आयुर्वेद को आधुनिक तकनीक और शोध के साथ जोड़कर इसे और मजबूत बना रही है। आयुष ढांचे का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, जिसके तहत हर जिले में पंचकर्म केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आयुष सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे आयुर्वेद को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अपनी भूमिका निभाएं। साथ ही, सरकार द्वारा आयुर्वेदिक शिक्षा, शोध और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी रेखांकित किया गया। यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाएगी, बल्कि आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर नई पहचान भी दिलाएगी।

आयुर्वेद: जीवनशैली रोगों का स्थायी समाधान
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक जीवनशैली से जुड़े रोग जैसे तनाव, मधुमेह और हाई ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में आयुर्वेद एक ऐसा विकल्प है जो न केवल रोग का इलाज करता है, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के संतुलन को भी बनाए रखता है।
स्वर्ण जयंती समारोह में कई पहलें
चंडीगढ़ में आयोजित समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने नए शैक्षणिक ब्लॉक का लोकार्पण किया और साइंटिफिक जर्नल का विमोचन भी किया। इस अवसर पर संस्थान से जुड़े पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया और छात्रों के उत्कृष्ट परिणामों की सराहना की गई।

आयुष ढांचे का तेजी से विस्तार
सरकार आयुष सेवाओं को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर काम कर रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला स्तर पर आयुष विंग स्थापित किए गए हैं और 572 आयुष चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती की गई है। इसके अलावा, 400 आयुष औषधालयों और 138 उप-स्वास्थ्य केंद्रों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर में अपग्रेड किया जा चुका है। हर जिले में पंचकर्म केंद्र स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से काम चल रहा है।
नए संस्थान और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर
मुख्यमंत्री ने बताया कि कुरुक्षेत्र में लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। इसके अलावा, नारनौल, नूंह, अंबाला, हिसार और पंचकूला में आयुर्वेदिक कॉलेज और अस्पतालों का निर्माण कार्य जारी है।

योग को वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया में योग का महत्व बढ़ा है, जिसका श्रेय नरेंद्र मोदी को जाता है। उनके प्रयासों से 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया।
राज्य में योग को बढ़ावा देने के लिए 6500 गांवों में योग एवं व्यायामशालाएं खोलने की योजना है, जिनमें से 965 पहले ही शुरू की जा चुकी हैं।
विद्यार्थियों को नवाचार का संदेश
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि आयुर्वेद का भविष्य उनके हाथ में है। उन्हें इस प्राचीन चिकित्सा पद्धति को आधुनिक तकनीक और नवाचार के साथ जोड़कर नई ऊंचाइयों तक ले जाना होगा। हरियाणा सरकार आयुर्वेद और आयुष क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। बढ़ते जीवनशैली रोगों के बीच आयुर्वेद एक सुरक्षित, प्रभावी और दीर्घकालिक समाधान के रूप में उभर रहा है। यदि इसे आधुनिक शोध और नवाचार के साथ जोड़ा जाए, तो यह न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए स्वास्थ्य का मजबूत आधार बन सकता है।
