सोनीपत: हरियाणा खेल विश्वविद्यालय कोर्ट की तीसरी बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय
सोनीपत: हरियाणा खेल विश्वविद्यालय, राई में विश्वविद्यालय कोर्ट बैठक अध्यक्षता करते हुए कुलपति अशोक कुमार।
सोनीपत, अजीत कुमार। हरियाणा खेल विश्वविद्यालय, राई में विश्वविद्यालय कोर्ट की तृतीय बैठक सोमवार को सम्मेलन कक्ष में ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कुलपति अशोक कुमार ने की। ऑफलाइन उपस्थित सदस्यों में कुलसचिव जसविंदर सिंह, डीन शारीरिक शिक्षा एवं खेल प्रो. योगेश चंदर, डीन खेल विज्ञान डॉ. विवेक कुमार सिंह, वित्त अधिकारी नीलम कौशिक, वरिष्ठ कोच भारतीय खेल प्राधिकरण अनिल मलिक, द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता रामपाल मान, पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता सुमित अंतिल, सदस्य अनिल बंसल, वरिष्ठ वार्डन डॉ. गोपाल तथा सहायक कुलसचिव शैक्षणिक डॉ. अन्नु शामिल रहे।
ऑनलाइन माध्यम से लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान ग्वालियर की कुलपति प्रो. कल्पना शर्मा, मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय मेरठ के कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत, अर्जुन पुरस्कार विजेता तैराक खजान सिंह, अर्जुन पुरस्कार विजेता साक्षी पुनिया, खेल विभाग से सुनीता खत्री, वित्त विभाग से चरणजीत कौर तथा विधि एवं विधायी विभाग से रणबीर सिंह ने भाग लिया।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट अनुमान वित्त अधिकारी नीलम कौशिक ने प्रस्तुत किया, जबकि वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 डीन प्रो. योगेश चंदर ने रखी। खिलाड़ियों के विकास, खेल शिक्षा और आधारभूत ढांचे से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
द्रोणाचार्य अवार्डी रामपाल मान ने जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों की तैयारी मजबूत करने, डोपिंग और आयु अनियमितताओं पर रोक तथा जागरूकता कार्यक्रम चलाने पर जोर दिया। सुमित अंतिल ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन में खेल विज्ञान की भूमिका बढ़ाने और प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में व्यवहारिक प्रशिक्षण जोड़ने का सुझाव दिया। अनिल मलिक ने खेलो इंडिया और भारतीय खेल प्राधिकरण के साथ समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
अर्जुन अवार्डी खजान सिंह ने कोचों के लिए स्तर एक से स्तर पांच तक अतिरिक्त पाठ्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव रखा। मेजर जनरल दीप अहलावत ने ईआरपी, शिक्षण प्रबंधन प्रणाली, खेल विज्ञान प्रयोगशालाएं और प्रतिभा पहचान पर ध्यान देने की बात कही। अनिल बंसल ने राई परिसर में शीघ्र शूटिंग सुविधा विकसित करने की जरूरत बताई। प्रो. कल्पना शर्मा ने डिजिटल और प्रिंट प्रचार की सराहना करते हुए संयुक्त सम्मेलन का सुझाव दिया। अंत में कुलपति ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
