उपसभापति श्री हरिवंश: संविधान की राह पर युवा करें राष्ट्र निर्माण सशक्त
सोनीपत: संविधान के सिद्धांत, विशेषताएं और विधायिका के कार्य के युवा सम्मेलन को संबोधित करते उपसभापति हरिवंश।
- जागरूक युवा ही सशक्त लोकतंत्र और विकसित राष्ट्र की आधारशिला:विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण
- संविधान की राह पर चलकर युवा बनें विकसित भारत के सशक्त निर्माता:डॉ. कृष्ण लाल मिढ्ढा
सोनीपत, अजीत कुमार। हरियाणा विधान सभा के सौजन्य से दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल के सभागार में संविधान के सिद्धांत, विशेषताएं और विधायिका के कार्य विषय पर शनिवार को भव्य युवा सम्मेलन आयोजित हुआ। सम्मेलन का उद्देश्य युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ विकसित करना और उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए युवाओं को संविधान की मूल भावना अपनाने का आह्वान किया।
उपसभापति हरिवंश ने कहा कि लोकतंत्र की सच्ची ताकत नागरिकों की ईमानदारी, समर्पण और जिम्मेदारी में निहित होती है। उन्होंने बताया कि हरियाणा विधान सभा द्वारा क्षमता निर्माण योजना, विधायी प्रारूपण कार्यशालाएं, युवा संसद और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा युवा शक्ति से भरपूर प्रदेश है और यहां के युवाओं ने खेल, कृषि, सुरक्षा, उद्यमिता व सांस्कृतिक क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। यदि युवा दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें तो वे देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। संविधान के महत्व पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल कानूनी दस्तावेज नहीं बल्कि एक जीवंत सामाजिक व्यवस्था है, जो विविधता में एकता को मजबूत करता है। इसकी सफलता इसे लागू करने वाले लोगों की निष्ठा पर निर्भर करती है। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर और डॉ. राजेंद्र प्रसाद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि जब राष्ट्रहित सर्वोपरि होता है तब व्यवस्था मजबूत रहती है, अन्यथा कमजोर पड़ जाती है। युवाओं को हमेशा देशहित को प्राथमिकता देनी चाहिए। देश की प्रगति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल लेनदेन, उद्यमिता और आधारभूत ढांचे में तेज विकास हुआ है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़े हैं और पारदर्शिता आई है। उन्होंने युवाओं से कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता अपनाने का आह्वान किया।
विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि यह सम्मेलन युवाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है। संविधान के सिद्धांतों, नागरिक कर्तव्यों और विधायिका की भूमिका पर चर्चा युवाओं के समग्र विकास के लिए आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं के त्याग से देश आज मजबूत लोकतंत्र बना है। इसलिए युवाओं का दायित्व है कि वे इस विरासत को आगे बढ़ाएं। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे चिकित्सा, अभियंत्रण, प्रशासन, विज्ञान या किसी भी क्षेत्र में जाएं, राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें। जागरूक नागरिक ही सशक्त लोकतंत्र की नींव होते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को अपने जनप्रतिनिधियों से प्रश्न करने, उनकी कार्यप्रणाली पर नजर रखने और समाज की समस्याओं को उठाने में सक्रिय रहना चाहिए। सकारात्मक सोच और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़कर युवा देश के विकास में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिढ्ढा ने कहा कि संविधान की राह पर चलकर ही विकसित भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने युवाओं को संविधान के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा दी। सम्मेलन में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि अधिकारों के साथ कर्तव्यों का पालन अनिवार्य है। जागरूक, जिम्मेदार और समर्पित युवा ही सशक्त लोकतंत्र और विकसित राष्ट्र की आधारशिला बन सकते हैं। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली, विधायक राई कृष्णा गहलावत, विधायक सोनीपत निखिल मदान, विधायक गन्नौर देवेन्द्र कादियान, विधायक पवन खरखौदा, उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक एस. नारायणन, जिला उपायुक्त नेहा सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त लक्षित सरीन, एसडीएम सुभाष चंद्र, डीसीआरयूएसटी के कुलपति डॉ. प्रो. प्रकाश मौजूद रहे।
