तूड़ी ट्रॉली आगकांड में अपहरण नाटक रचने वाला आरोपी गिरफ्तार
सोनीपत: गिरफ्तार आरोपी डीसीपी भारती डबास जानकारी देते हुए
सोनीपत। सोनीपत जिले के गोहाना क्षेत्र में तूड़ी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली में आग लगाकर लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाने वाले आरोपी ने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए खुद के अपहरण का नाटक रच दिया। आरोपी ने फिल्मी अंदाज में झूठी कहानी बनाकर न केवल परिजनों बल्कि पुलिस को भी गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जांच में सच्चाई सामने आ गई। पुलिस ने गुरुवार को आरोपी अशोक और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है।
डीसीपी भारती डबास ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि गांव खंदराई निवासी अशोक ने मंगलवार सुबह परिजनों को बताया कि वह बाइक पर जींद की ओर तूड़ी देखने जा रहा है। इसके बाद उसने पड़ोस के युवक को फोन कर दावा किया कि कुछ लोग उसका पीछा कर रहे हैं, उसके साथ मारपीट कर रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उसने खुद को छुड़ाने की गुहार लगाई और फिर अचानक उसका फोन बंद हो गया। अपहरण की कहानी को विश्वसनीय बनाने के लिए आरोपी ने जींद रोड पर नूरनखेड़ा गांव के पास नहर के समीप अपनी बाइक और जैकेट छोड़ दी। इसके बाद वह बस से जींद होते हुए पानीपत पहुंचा और फिर पंजाब के लुधियाना भाग गया। पुलिस ने आरोपी को पानीपत से गिरफ्तार कर लिया।
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपी 16 दिसंबर की रात बड़ौता गांव में खड़ी तूड़ी से भरी ट्रॉली में आग लगाने की घटना में शामिल था। यह पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो चुकी थी, इसी कारण उसने खुद को बचाने के लिए अपहरण का नाटक रचा। पीड़ित वीरेंद्र ने थाना सदर गोहाना में दी शिकायत में बताया कि वह तूड़ी की ठेकेदारी करता है। 16 दिसंबर की रात वह करनाल के गांव कुंदलान से तूड़ी भरकर लाया था और बड़ौता पेट्रोल पंप के सामने सर्विस लाइन पर ट्रॉली खड़ी कर घर चला गया। 17 दिसंबर तड़के सूचना मिली कि ट्रॉली में आग लग गई है। मौके पर पहुंचने पर ट्रॉली और तूड़ी पूरी तरह जली हुई मिली। पीड़ित के अनुसार तूड़ी की कीमत लगभग दो लाख रुपये और ट्रॉली की कीमत करीब आठ लाख रुपये थी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी अशोक और उसके साथी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की है।
