सोनीपत: पारम्परिक ज्ञान जैव विविधता का रक्षा कवच : श्यो प्रसाद
पर्यावरण सुरक्षा और सतत विकास के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम के दौरान बैठे पदाधिकारी।
पर्यावरण सुरक्षा और सतत विकास के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम के दौरान बैठे पदाधिकारी।
सोनीपत, अजीत कुमार। जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और सतत विकास का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से गांव अशरफपुर मटिण्डू में हरियाणा राज्य जैव विविधता बोर्ड, पंचकूला के तत्वावधान में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत की सरपंच सुनीता देवी ने की। मुख्य वक्ता के रूप में बोर्ड के जिला समन्वयक श्यो प्रसाद उपस्थित रहे।
श्यो प्रसाद ने कहा कि जैव विविधता मानव जीवन का आधार है। पारम्परिक ज्ञान, देशी बीज, औषधीय पौधे और स्थानीय प्रजातियां हमारी जैविक संपदा और रक्षा कवच हैं। उन्होंने ग्रामीणों को जैव विविधता रजिस्टर के महत्व तथा जैव विविधता प्रबंधन समिति की भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव की अपनी जैविक संपदा होती है, जिसके संरक्षण की जिम्मेदारी सभी की है।
कार्यक्रम में जैव विविधता प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सलेंद्र, सदस्य बीरेंदर, बलवान और राकेश सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और युवा मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान लोगों को जैव विविधता संरक्षण, जल बचाने, अधिक से अधिक पौधे लगाने, गांव को पॉलीथिन मुक्त बनाने और पारम्परिक ज्ञान को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की शपथ दिलाई गई।
सरपंच सुनीता देवी ने बोर्ड और जिला समन्वयक श्यो प्रसाद का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गांव में भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने अशरफपुर मटिण्डू को आदर्श जैव विविधता गांव बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास करने की बात कही।