September 27, 2026

सोनीपत: क्षमा ही धर्म है क्षमा ही सबसे बड़ी शक्ति: राजीव जैन

Sonipat: Forgiveness is the ultimate virtue and the greatest strength: Rajiv Jain

सोनीपत: क्षमावाणी पर्व पर अपनी गलतियों की क्षमा स्वीकार करते हुए मेयर राजीव जैन।

सोनीपत, अजीत कुमार। क्षमा ही धर्म है क्षमा ही सबसे बड़ी शक्ति है और साहस है इसलिए क्षमावाणी केवल एक पर्व नहीं इसे अपने जीवन का संस्कार बनाना चाहिए। क्षमा मांगना और क्षमा करना दोनों ही‌ बड़ेप्पन का प्रतीक है।

उक्त विचार नगर निगम मेयर राजीव जैन एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री कविता जैन ने रविवार को दिगंबर जैन मंदिर, सेक्टर 15, मंडी एवं पुराना शहर में क्षमावाणी पर्व के अवसर पर आयोजित सभाओं में व्यक्त किये। पुराना शहर में भगवान को रथ पर सवार कर बैंड बाजो के साथ भव्य रथ यात्रा निकाली गई, मंडी में जलधारा तथा सेक्टर 15 में सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा क्षमावाणी एक दिन का पर्व नहीं होना चाहिए बल्कि अपने जीवन की आदत बनानी चाहिए क्षमा का अर्थ यह नहीं की गलत को सही मान लिया जाए, बल्कि गलत घटना से सीख लेनी चाहिए। आज के युग में छोटी-छोटी बातों से रिश्ते टूट रहे हैं भाई भाई से दूर हो रहा है पति-पत्नी में तलाक हो रहा है नाराज होकर एक दूसरे को मार रहे हैं ऐसे वातावरण में छोटा सा शब्द क्षमा सभी समस्याओं का समाधान‌ कर सकता है

क्षमावाणी पर्व पर हमें संकल्प लेना चाहिए कि अपनी गलती स्वीकार करेंगे अहंकार को रिश्तो की दीवार नहीं बनने देंगे हर व्यक्ति को क्षमा करने का भाव रखेंगे। कार्यक्रम में एसके जैन एडवोकेट, पीयूष जैन, राजेंद्र जैन, अतुल जैन, मुकेश जैन, मनीष जैन, अवनीश जैन समेत बड़ी संख्या में जैन धर्मावलंबी उपस्थित रहे।

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