सोनीपत: महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों से बनेगा समरस समाज: डा. अरविंद शर्मा
सोनीपत : गोहाना स्थित भगवान वाल्मीकि आश्रम में मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा का स्वागत करते हुए आयोजक .
सोनीपत, अजीत कुमार। हरियाणा के सहकारिता, कारागार, पर्यटन, निर्वाचन एवं विरासत मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा और हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर उनके आदर्शों को अपनाकर सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया। डॉ. अरविंद शर्मा ने गोहाना स्थित भगवान वाल्मीकि आश्रम में पत्नी डॉ. रीटा शर्मा के साथ सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की, जबकि मोहन लाल बड़ौली ने सोनीपत नगर निगम कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में महर्षि वाल्मीकि को नमन किया।
डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के विचार किसी एक समाज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने रामायण के माध्यम से सत्य, धर्म, कर्तव्य, त्याग और मर्यादा का संदेश दिया। हजारों वर्ष बाद भी उनकी शिक्षाएं प्रासंगिक हैं। उनके अनुसार, व्यक्ति की पहचान उसके कर्म, विचार और आचरण से होती है। महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों पर चलकर ही ऐसा समाज बनाया जा सकता है, जिसमें सभी को सम्मान और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।
उन्होंने कहा कि रामायण केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि पारिवारिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारियों और मानवीय संवेदनाओं की भी शिक्षा देती है। महर्षि वाल्मीकि का जीवन ज्ञान, साधना, आत्मचिंतन और सकारात्मक बदलाव की प्रेरणा देता है। युवा पीढ़ी को उनके साथ अन्य महापुरुषों और समाज सुधारकों की शिक्षाओं से जोड़ना जरूरी है। युवाओं को शिक्षा, संस्कार और कौशल के बल पर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।

डॉ. शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में केंद्र और हरियाणा सरकार अंत्योदय की भावना से काम कर रही हैं। गरीबों, वंचितों, श्रमिकों, किसानों, महिलाओं और युवाओं तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। समाज की तरक्की के लिए हर व्यक्ति को सम्मान, शिक्षा और समान अवसर मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि महापुरुषों की शिक्षाओं को केवल आयोजनों तक सीमित रखने के बजाय दैनिक जीवन में अपनाना चाहिए।
गोहाना से अपने जुड़ाव का जिक्र करते हुए डॉ. शर्मा ने कहा कि क्षेत्र के लोगों से उनका रिश्ता परिवार जैसा है। लोगों के सुख-दुख में साथ खड़ा होना और उनकी समस्याओं का समाधान करवाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से भी पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने और संवेदनशीलता के साथ काम करने की अपेक्षा जताई।
मोहन लाल बड़ौली ने सोनीपत नगर निगम कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं सत्य, नैतिकता, समानता और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। रामायण भारतीय संस्कृति, आदर्श जीवन मूल्यों और मर्यादा का अनुपम प्रतीक है। उनके विचार सामाजिक सद्भाव और जनकल्याण की भावना को मजबूत करते हैं। महर्षि वाल्मीकि के आदर्श अपनाकर ऐसा समाज बनाया जा सकता है, जहां हर व्यक्ति को सम्मान और आगे बढ़ने का समान अवसर मिले। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
गोहाना के कार्यक्रम में एसडीएम अंकित कुमार, दीपक, आदित्य, रामू, रामपाल वाल्मीकि, कुलदीप आहुलाना, साहिल महमूदपुर, अनिल चावला और कुलदीप कौशिक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। सोनीपत नगर निगम कार्यालय में महापौर राजीव जैन, प्रधान संजय चौधरी, कृष्ण एसआई, अधिवक्ता सौरव चौधरी, संजय चावरिया, पूर्व यूनियन प्रधान अजीत रिढ़लान, धर्मबीर बोहत और जयवीर गेहलावत सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

सोनीपत विधायक निखिल मदान ने ककरोई रोड स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम ट्रस्ट, नगर निगम कार्यालय सोनीपत तथा सामुदायिक केंद्र शादीपुर में आयोजित वाल्मीकि जयंती कार्यक्रमों में महर्षि वाल्मीकि जी को नमन किया और उपस्थित लोगों को जयंती की बधाई दी। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन, उनकी शिक्षाएं और उनके द्वारा रचित रामायण भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन के माध्यम से समाज को सत्य, मर्यादा, कर्तव्य, त्याग और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। महर्षि वाल्मीकि जी की शिक्षाएं आज भी समाज को सही दिशा दिखाने के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का कार्य कर रही हैं।इस अवसर पर ट्रस्ट चेयरमैन नरेंद्र लोट,सूरजभान,दीपक,चंद्रभान, राजीव पिहवाल,ओमप्रकाश, अशोक बिरला,अमन, सतबीर,नीटू, रामेश्वर राणा,इंद्रजीत राणा, रामकुमार,बालकिशन, बलराज,सुरेश,कृष्ण कुमार,ईश्वर बाल्मीकि,ईश जौहर, नकीन मेहरा आदि लोग मौजूद रहे।
