July 3, 2026

तमिलनाडु: 35 करोड़ की कथित रिश्वत पेशकश पर सियासी घमासान तीन गिरफ्तार; तमिलनाडु में आरोप-प्रत्यारोप तेज

Political uproar over alleged ₹35 crore bribe offer, three arrested; war of words intensifies in Tamil Nadu.

डीएमके विधायक इलैयाराजा मुख्यमंत्री विजय के साथ।

चेन्नई। तमिलनाडु में कथित तौर पर विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले ने राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है। पुलिस ने सरकार को अस्थिर करने की कथित साजिश और विधायक को रिश्वत की पेशकश के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उथंगरई विधानसभा क्षेत्र से विधायक एन. इलैयाराजा की शिकायत के आधार पर की गई है। मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

विधायक इलैयाराजा ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पर एक विशेष तरीके से मतदान करने के बदले उन्हें 35 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रस्ताव ठुकराने के बाद उन्हें और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।

शिकायत के अनुसार, एक व्यक्ति ने स्वयं को एक राजनीतिक रणनीतिक संस्था का प्रतिनिधि बताते हुए उनसे संपर्क किया और किसी प्रमुख राजनीतिक दल की ओर से बातचीत करने की बात कही। विधायक ने कहा कि उन्होंने प्रस्ताव को तुरंत अस्वीकार कर दिया और बाद में पूरे मामले की जानकारी पार्टी नेतृत्व तथा पुलिस को दी।

पुलिस ने जांच के दौरान थिरुनावुक्करासु, नरेश और त्यागराजन को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 15 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

इस बीच संबंधित राजनीतिक दल ने दावा किया है कि गिरफ्तार आरोपियों के संपर्क सत्तारूढ़ दल के वरिष्ठ नेता सेंथिल बालाजी और उनके भाई अशोक कुमार से थे। हालांकि, सत्तारूढ़ दल ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इनकार किया है।

राज्य के ऊर्जा मंत्री ने प्रेस वार्ता में कहा कि पुलिस तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है और सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होगी। वहीं, विपक्ष ने मामले को राजनीतिक साजिश करार देते हुए सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाया है।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पूरे घटनाक्रम पर राज्य की राजनीति की नजरें टिकी हुई हैं।

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