October 26, 2026

79वें निरंकारी संत समागम में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब: सतगुरु माता सुदीक्षा जी ने दिया आध्यात्मिक जागृति का संदेश

A massive surge of devotion witnessed at the 79th Nirankari Sant Samagam; Satguru Mata Sudiksha Ji delivers a message of spiritual awakening.
  • हर परिस्थिति में परमात्मा के प्रेम में स्थिर रहना ही सच्ची जागृति, प्रेम, समर्पण और मानवता का संदेश लेकर संपन्नता की ओर बढ़ा संत समागम

सोनीपत, अजीत कुमार। समालखा की पावन धरा पर आयोजित 79वें वार्षिक निरंकारी संत समागम के तीसरे दिन देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं का विशाल जनसमूह उमड़ पड़ा। सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के दिव्य प्रवचनों से समूचा वातावरण भक्ति, प्रेम, समर्पण और आध्यात्मिक चेतना से सराबोर हो गया। सतगुरु के पावन दर्शनों से श्रद्धालु भावविभोर हुए और मानवता, एकत्व तथा विश्वबंधुत्व का संदेश जन-जन तक पहुंचा।

A massive surge of devotion witnessed at the 79th Nirankari Sant Samagam; Satguru Mata Sudiksha Ji delivers a message of spiritual awakening.

सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने कहा कि हर परिस्थिति में परमात्मा के प्रेम में स्थिर रहना ही सच्ची जागृति है। आत्मा का परमात्मा से मिलन और प्रत्येक पल निराकार प्रभु का अनुभव ही आध्यात्मिक जीवन का सार है। उन्होंने समझाया कि परिस्थितियां और इच्छाएं बदलती रहती हैं, लेकिन परमात्मा अटल सत्य है। अनुकूल समय में आस्था बनाए रखना आसान है, परंतु प्रतिकूल परिस्थितियों में भी विश्वास कायम रखना ही सच्ची भक्ति है।

सतगुरु माता जी ने कहा कि ब्रह्मज्ञान से प्राप्त जागृति हमारे विचारों, व्यवहार और निर्णयों में दिखाई देनी चाहिए। अन्याय के विरुद्ध खड़े होते समय भी अपने उद्देश्य का आत्ममंथन करना जरूरी है कि हमारा प्रयास भलाई के लिए है या अहंकार और स्वार्थ से प्रेरित है। विचारों में भिन्नता होने के बावजूद प्रत्येक व्यक्ति में परमात्मा का अंश देखकर उसे अपनाना ही निष्काम प्रेम की पहचान है।

इससे पूर्व निरंकारी राजपिता रमित जी ने जागरूकता का संदेश देते हुए कहा कि जहां परिवर्तन संभव हो, वहां सकारात्मक प्रयास करने चाहिए और जहां परिस्थितियों को बदलना संभव न हो, वहां उन्हें सहजता से स्वीकार करने की क्षमता विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य भौतिक आवश्यकताओं के प्रति सजग रहता है, लेकिन आत्मा की वास्तविक प्यास को अक्सर अनदेखा कर देता है। परमात्मा की सर्वव्यापकता को पहचानना, अहंकार त्यागना और श्रद्धा एवं समर्पण के साथ जीवन जीना ही वास्तविक आध्यात्मिक जागृति है।

A massive surge of devotion witnessed at the 79th Nirankari Sant Samagam; Satguru Mata Sudiksha Ji delivers a message of spiritual awakening.

इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सतगुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया। कई पार्षदों और विधायकों ने भी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज तथा निरंकारी राजपिता रमित जी के दर्शन किए।

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दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं
समागम में दिव्यांग संत-महात्माओं की सुविधा के लिए प्रवेश द्वारों पर व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गईं। उनके ठहरने, भोजन और पेयजल की व्यवस्था के साथ कार्यक्रम देखने के लिए एलईडी स्क्रीन भी लगाई गईं, ताकि वे सहजता से समागम में भाग ले सकें और सतगुरु के दर्शन कर सकें।

A massive surge of devotion witnessed at the 79th Nirankari Sant Samagam; Satguru Mata Sudiksha Ji delivers a message of spiritual awakening.स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिविरों की व्यवस्था
मिशन के स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभाग की ओर से व्यापक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। परिसर में आठ एलोपैथिक और छह होम्योपैथिक डिस्पेंसरी, 15 प्राथमिक चिकित्सा केंद्र तथा 120 बिस्तरों वाला अस्थायी अस्पताल स्थापित किया गया, जिसमें 15 आईसीयू सुविधाएं थीं। आपातकालीन सेवाओं के लिए मिशन की 12 और हरियाणा सरकार की 30 एंबुलेंस तैनात की गईं, जिनमें 15 वेंटिलेटरयुक्त एंबुलेंस शामिल थीं।

कायरोप्रैक्टिक शिविर में भारत और विदेशों से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सेवाएं दीं। इसके अलावा ईएनटी, नेत्र, बाल रोग, दंत चिकित्सा और मनोरोग सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने श्रद्धालुओं को चिकित्सा सहायता प्रदान की।

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लंगर में दिखी समानता और सेवा की भावना
समागम परिसर में चार स्थानों पर लंगर की व्यवस्था की गई, जहां श्रद्धालुओं को दिन-रात भोजन उपलब्ध कराया गया। सभी को एक साथ बैठकर लंगर ग्रहण करते देख समानता और ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना साकार होती दिखाई दी। इसके अतिरिक्त 22 कैंटीनों में रियायती दरों पर अल्पाहार, चाय, कॉफी और मिनरल वाटर उपलब्ध कराया गया। सेवा, सहयोग और मानव-एकता की भावना से परिपूर्ण इन व्यवस्थाओं ने समागम में पहुंचे श्रद्धालुओं की सुविधाओं को सुनिश्चित किया।

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