August 6, 2026

गन्नौर में गढी बिलंदा जर्जर विद्यालय की दीवार गिरी: छात्र की मौत, चौकीदार घायल

Sonipat: Wall of dilapidated school in Garhi Bilanda, Gannaur collapses; student dies, watchman injured.

सोनीपत: गढी बिलंदा का सरकारी स्कूल का मुख्य द्वार इनसेट में मृतक यश व ग्रामीणों के साथ अधिकारी पहुंचे हुए।

सोनीपत, अजीत कुमार। गन्नौर के गांव गढ़ी बिलंदा स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में गुरुवार को मुख्य द्वार से जुड़ी दीवार गिरने से 12 वर्षीय छात्र यश की मौत हो गई, जबकि विद्यालय का चौकीदार उदय घायल हो गया। हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने विद्यालय भवन की जर्जर हालत को घटना का प्रमुख कारण बताते हुए समय रहते मरम्मत नहीं होने पर नाराजगी जताई है।

जानकारी के अनुसार, विद्यालय के मुख्य द्वार के पिलर से जुड़ी दीवार पर फैली बेल हटाई जा रही थी। इसी दौरान दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। उसकी चपेट में छात्र यश और चौकीदार उदय आ गए। दोनों को तुरंत गन्नौर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। यश की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे खानपुर मेडिकल कॉलेज भेज दिया, जहां उपचार के दौरान चिकित्सकों ने यश मृत घोषित कर दिया। चौकीदार उदय को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

सूचना मिलते ही एसीपी सुमित अहलावत, थाना प्रभारी बीर सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया तथा खंड शिक्षा अधिकारी सुरजीत सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर विद्यालय कर्मचारियों से जानकारी ली। थाना गन्नौर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस और शिक्षा विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, यश गांव गढ़ी बिलंदा का निवासी था और बेगा गांव के राजकीय विद्यालय में छठी कक्षा का छात्र था। वह अपने विद्यालय से जल्दी घर लौटने के बाद साथियों के साथ प्राथमिक विद्यालय के पास पहुंचा था। इसी दौरान वह बेल हटाने में मदद करने लगा और हादसे का शिकार हो गया। चौकीदार उदय ने पुलिस को बताया कि उसे यह जानकारी नहीं है कि छात्र वहां किस परिस्थिति में पहुंचा था। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है। मृतक छात्र के परिजनों ने विद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि भवन की समय पर मरम्मत कराई जाती और सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय का एक कमरा लंबे समय से जर्जर है। लेंटर से पानी टपकता है, कई स्थानों पर दरारें हैं और चारदीवारी का एक हिस्सा जमीन में धंसने से टेढ़ा हो चुका है। बरसात में भवन की स्थिति और खराब हो जाती है। गांव के सरपंच सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि विद्यालय की मरम्मत और सुरक्षा संबंधी कार्य कराने के लिए शिक्षा विभाग को पहले भी पत्र भेजा गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने पूरे विद्यालय भवन का तकनीकी निरीक्षण कराकर जर्जर हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।

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