बेटी बोझ नहीं अभियान की मिसाल: सेफ इंडिया फाउंडेशन ने कराई 170वीं जरूरतमंद कन्या की सम्मानपूर्वक शादी
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सोनीपत, अजीत कुमार। सेफ इंडिया फाउंडेशन द्वारा संचालित “बेटी बोझ नहीं – जरूरतमंद कन्या विवाह परियोजना” के अंतर्गत बुधवार को एक और जरूरतमंद कन्या का विवाह सादगी, सम्मान और सामाजिक संवेदनशीलता के साथ संपन्न कराया गया। पैराडाइज गार्डन, सोनीपत में आयोजित इस विवाह के साथ संस्था द्वारा संपन्न कराए गए जरूरतमंद कन्याओं के विवाहों की संख्या 170 तक पहुंच गई है।
संस्था के अध्यक्ष वाई. के. त्यागी तथा प्रधान संजय सिंगला ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य केवल विवाह संपन्न कराना नहीं, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सम्मान, समानता और सकारात्मक सोच को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि वर्षों से समाजसेवियों और दानदाताओं के सहयोग से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को सम्मानपूर्वक नया जीवन देने का प्रयास किया जा रहा है।
संस्था की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि विवाह समारोह को पूरी गरिमा और गोपनीयता के साथ आयोजित किया जाता है। न तो कोई प्रचार-प्रसार किया जाता है, न मंच सजाया जाता है और न ही संस्था के पदाधिकारी औपचारिक रूप से उपस्थित रहते हैं। वर-वधू और उनके परिवार की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है, जिससे उनके आत्मसम्मान को किसी प्रकार की ठेस न पहुंचे।
महिला प्रधान शालू त्यागी ने बताया कि नवविवाहित दंपति को संपूर्ण गृहस्थी का आवश्यक सामान उपलब्ध कराया गया। इसमें पलंग, अलमारी, ड्रेसिंग टेबल, सिलाई मशीन, मेज-कुर्सी, गद्दे, चांदी का सामान, स्टील के बर्तन, वस्त्र, साड़ियां, घड़ी, श्रृंगार सामग्री, प्रेशर कुकर, संदूक और सूटकेस सहित अन्य आवश्यक सामग्री शामिल रही। विवाह समारोह के भोजन सहित सभी व्यवस्थाएं भी संस्था की ओर से की गईं।
इस पुनीत कार्य में अनेक समाजसेवियों, दानदाताओं और भामाशाहों ने सहयोग दिया। वहीं पैराडाइज गार्डन प्रबंधन ने विवाह स्थल निशुल्क उपलब्ध कराकर सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
प्रधान संजय सिंगला ने कहा कि “बेटी किसी परिवार का बोझ नहीं, बल्कि उसका सम्मान, संस्कार और भविष्य होती है। हमारा प्रयास है कि आर्थिक अभाव किसी भी बेटी के सपनों के आड़े न आए।” संस्था ने समाज के सक्षम नागरिकों से इस अभियान से जुड़कर जरूरतमंद कन्याओं के उज्ज्वल भविष्य में सहयोग देने की अपील भी की।
