हरियाणा खेल विश्वविद्यालय और डीपीएसआरयू के बीच समझौता: खेल अनुसंधान व नवाचार को मिलेगी नई उड़ान
सोनीपत, अजीत कुमार। हरियाणा खेल विश्वविद्यालय, राई और दिल्ली फार्मास्यूटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी (डीपीएसआरयू), नई दिल्ली के बीच खेल विज्ञान, शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत दोनों विश्वविद्यालय खेल विज्ञान, खेल फिजियोथेरेपी, आहार एवं पोषण, सार्वजनिक स्वास्थ्य, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा विश्लेषण तथा अन्य उभरते क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान और नवाचार आधारित परियोजनाओं पर मिलकर कार्य करेंगे।
समझौते के अनुसार दोनों संस्थान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान परियोजनाओं के लिए संयुक्त रूप से अनुदान प्राप्त करने, विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के मार्गदर्शन, संकाय और शोधकर्ताओं के आदान-प्रदान तथा अनुसंधान प्रयोगशालाओं एवं तकनीकी संसाधनों के साझा उपयोग को भी बढ़ावा देंगे। इसके अलावा संयुक्त कार्यशालाओं, संगोष्ठियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सम्मेलनों और खेल आयोजनों का भी आयोजन किया जाएगा।
हरियाणा खेल विश्वविद्यालय के कुलपति अशोक कुमार (सेवानिवृत्त भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी) ने कहा कि यह समझौता केवल औपचारिक सहयोग नहीं, बल्कि खेल अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में एक नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि डीपीएसआरयू के आधुनिक अनुसंधान संसाधनों और हरियाणा खेल विश्वविद्यालय की खेल प्रतिभाओं का समन्वय खिलाड़ियों के लिए वैज्ञानिक पोषण, प्रदर्शन सुधार और खेल विज्ञान के नए मानक स्थापित करेगा।
डीपीएसआरयू के कुलपति प्रोफेसर रविचंद्रन वी. ने कहा कि दोनों विश्वविद्यालयों की विशेषज्ञता एक-दूसरे की पूरक है। इस साझेदारी से खेल विज्ञान, औषधीय विज्ञान, सार्वजनिक स्वास्थ्य और नवाचार आधारित अनुसंधान को नई गति मिलेगी। साथ ही शिक्षकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के बीच ज्ञान एवं अनुभव का आदान-प्रदान भी सुदृढ़ होगा।
कार्यक्रम के दौरान हरियाणा खेल विश्वविद्यालय के कुलसचिव जसविंदर सिंह तथा डीपीएसआरयू के कुलसचिव रामचंद्र खत्री ने दोनों कुलपतियों की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर दोनों विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद और संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे।
