नेतन्याहू बोले: भारत में मिलता है अपार समर्थन, अमेरिका से मतभेद पर भी जताया भरोसा
नेतन्याहू बोले- भारत में मिलता है अपार समर्थन, अमेरिका से मतभेद पर भी जताया भरोसा।
इजराइल। इजराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि भारत में उन्हें व्यापक समर्थन मिलता है और बड़ी संख्या में भारतीय सोशल मीडिया के माध्यम से उनके प्रति समर्थन और शुभकामनाएं भेजते हैं। नेतन्याहू ने यह बात एक समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में कही।
दरअसल, जून माह में जेडी वेंस ने इजराइल को सार्वजनिक रूप से अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना करने से बचने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि यदि वह इजराइली मंत्रिमंडल के सदस्य होते तो अपने सबसे बड़े सहयोगी अमेरिका के खिलाफ सार्वजनिक टिप्पणी नहीं करते।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए नेतन्याहू ने कहा कि वह जेडी वेंस का सम्मान करते हैं और उनके साथ उनके अच्छे संबंध हैं, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं कि हर मुद्दे पर दोनों की राय समान हो। उन्होंने कहा कि अमेरिका इजराइल का महत्वपूर्ण सहयोगी है, लेकिन भारत सहित कई अन्य देशों के साथ भी इजराइल के मजबूत और मित्रतापूर्ण संबंध हैं।
नेतन्याहू ने कहा कि भारत की लगभग 140 करोड़ की आबादी में बड़ी संख्या में लोग इजराइल का समर्थन करते हैं। उनके अनुसार उन्हें सोशल मीडिया पर भारत से लगातार समर्थन के संदेश प्राप्त होते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि विश्व के कई देशों में इजराइल की आलोचना एक चलन बन गई है, जबकि अनेक देशों के नेता निजी तौर पर इजराइल के साथ रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा और तकनीकी सहयोग बढ़ाने में रुचि दिखाते हैं।
जून के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच संभावित युद्धविराम को लेकर बातचीत चल रही थी। इसी समय लेबनान में इजराइली सैन्य कार्रवाई जारी रहने पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सार्वजनिक रूप से चिंता व्यक्त की थी। ट्रंप ने कहा था कि लेबनान में लगातार हमले आवश्यक नहीं हैं और इससे आम नागरिक प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि अमेरिका के समर्थन के बिना इजराइल की स्थिति अलग होती।
इसके बाद दोनों नेताओं के बीच मतभेदों की चर्चा तेज हो गई थी। हालांकि नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि ट्रंप उनके करीबी मित्र हैं, लेकिन हर विषय पर सहमति होना आवश्यक नहीं है। उन्होंने दोहराया कि जब तक वह इजराइल के प्रधानमंत्री रहेंगे, तब तक ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा।
इस बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, इजराइल, ईरान और लेबनान से जुड़े घटनाक्रमों पर दुनिया की नजर बनी हुई है। भारत का नाम लेकर नेतन्याहू के बयान ने भी कूटनीतिक हलकों में नई चर्चा को जन्म दिया है।
