पहलगाम आतंकी हमले में एनआईए का बड़ा एक्शन: हाफिज सईद पूरक आरोपपत्र में नामजद; भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप
हाफिज सईद पूरक आरोपपत्र में नामजद।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पहलगाम आतंकी हमले की जांच में बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद को पूरक आरोपपत्र में आरोपी बनाया है। एनआईए ने जम्मू स्थित विशेष अदालत में दायर पूरक आरोपपत्र में हाफिज सईद पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने, सीमा पार से आतंकी साजिश रचने तथा आतंकवाद को बढ़ावा देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। एजेंसी ने हमले से जुड़े आतंकी नेटवर्क और अन्य आरोपियों के खिलाफ भी नए साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए हैं।
एनआईए के अनुसार हाफिज सईद ने व्यक्तिगत रूप से तथा लश्कर-ए-तैयबा और उसके सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के प्रमुख के रूप में इस साजिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि पाकिस्तान की धरती से भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों का संचालन किया गया और पहलगाम हमले की योजना भी वहीं तैयार की गई।
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सात मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी। इस अभियान में कई आतंकी ठिकाने नष्ट किए गए। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था, हालांकि बाद में दोनों पक्षों के बीच संघर्ष विराम लागू हुआ।
एनआईए ने बताया कि यह पूरक आरोपपत्र पहले दाखिल किए गए 1,597 पृष्ठों के मूल आरोपपत्र का विस्तार है। इसमें पाकिस्तान की भूमिका, हाफिज सईद की संलिप्तता तथा जांच के दौरान जुटाए गए वैज्ञानिक, डिजिटल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को शामिल किया गया है।
इससे पहले दिसंबर 2025 में दाखिल मूल आरोपपत्र में पाकिस्तान के आतंकी संचालक साजिद जट्ट, ऑपरेशन महादेव में मारे गए तीन आतंकियों, दो गिरफ्तार आरोपियों तथा लश्कर-ए-तैयबा और टीआरएफ को भी आरोपी बनाया गया था। एनआईए का आरोप है कि इन संगठनों ने पहलगाम हमले की योजना बनाई, उसे अंजाम दिलाया और पूरे आतंकी नेटवर्क का संचालन किया।
एनआईए ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है। एजेंसी सीमा पार से संचालित आतंकवादी नेटवर्क, उनके सहयोगियों और पूरी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए लगातार साक्ष्य जुटा रही है।
