July 6, 2026

इंडोनेशिया दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी: ब्रह्मोस मिसाइल समझौते, समुद्री सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत पर रहेगा विशेष फोकस

Prime Minister Modi on Indonesia visit: Special focus on BrahMos missile agreement, maritime security, and cultural heritage.

पीएम मोदी सोमवार सुबह तीन देशों के दौरे पर रवाना हुए। आज शाम को वे इंडोनेशिया पहुंचेंगे।

  • राष्ट्रपति सुबियांतो से करेंगे शिखर वार्ता, प्रम्बानन हिंदू मंदिर में भी करेंगे दर्शन

नई दिल्ली/जकार्ता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को महत्वपूर्ण द्विपक्षीय यात्रा पर इंडोनेशिया रवाना हो गए। इस दौरे में उनकी इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ उच्चस्तरीय वार्ता होगी, जिसमें रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, डिजिटल तकनीक और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी जैसे अहम विषयों पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही प्रधानमंत्री विश्व प्रसिद्ध प्रम्बानन हिंदू मंदिर परिसर का भी दौरा करेंगे, जो इंडोनेशिया की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख केंद्र है।

ब्रह्मोस मिसाइल समझौते पर लग सकती है मुहर
इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पहलू भारत और इंडोनेशिया के बीच लगभग 2,500 करोड़ रुपये के ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सौदे को माना जा रहा है। यदि यह समझौता अंतिम रूप लेता है तो फिलीपींस के बाद इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला दूसरा विदेशी देश बन जाएगा।

यह सौदा भारत के रक्षा निर्यात को नई मजबूती देने के साथ-साथ इंडोनेशिया की तटीय एवं समुद्री सुरक्षा क्षमता को भी और अधिक सशक्त बनाएगा। ब्रह्मोस मिसाइल का विकास भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) तथा रूस की एनपीओ मशिनोस्ट्रोयेनिया के संयुक्त उपक्रम ब्रह्मोस एयरोस्पेस द्वारा किया गया है। यह विश्व की सबसे तेज परिचालन सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में शामिल है।

रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा नया आयाम
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति सुबियांतो की वार्ता के दौरान कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। दोनों देशों के बीच रक्षा, समुद्री संपर्क, व्यापार, डिजिटल अर्थव्यवस्था, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा निवेश के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा।

पिछले कुछ वर्षों में भारत और इंडोनेशिया के संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई गति प्रदान करेगी।

साबंग बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण
इंडोनेशिया का साबंग बंदरगाह अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के निकट और मलक्का जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार पर स्थित है। यह क्षेत्र वैश्विक समुद्री व्यापार के सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में से एक माना जाता है।

भारत और इंडोनेशिया ने वर्ष 2018 में इस बंदरगाह के विकास, समुद्री संपर्क, लॉजिस्टिक सहयोग तथा नौसैनिक समन्वय को बढ़ाने पर सहमति बनाई थी। यह बंदरगाह भारतीय नौसैनिक जहाजों को ईंधन, मरम्मत और रसद सहायता उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सामरिक उपस्थिति और मजबूत होगी।

प्रम्बानन मंदिर में करेंगे दर्शन
प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के दौरान मध्य जावा प्रांत स्थित विश्व प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर भी जाएंगे। भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा को समर्पित यह मंदिर परिसर इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है। लगभग 240 मंदिरों वाले इस परिसर का सबसे ऊंचा मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, जिसकी ऊंचाई करीब 47 मीटर है।

यद्यपि इंडोनेशिया विश्व का सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाला देश है, फिर भी उसकी सांस्कृतिक विरासत पर हिंदू और बौद्ध सभ्यता की गहरी छाप आज भी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। प्रम्बानन मंदिर भारत और इंडोनेशिया के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों का जीवंत प्रतीक माना जाता है।

मोदी का तीसरा इंडोनेशिया दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले वर्ष 2018 और 2023 में भी इंडोनेशिया का दौरा कर चुके हैं। वर्ष 2018 की यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था, जबकि वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री आसियान-भारत एवं पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए जकार्ता पहुंचे थे।

इस बार की यात्रा को भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते रणनीतिक सहयोग के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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