अमरनाथ हिम शिवलिंग का आकार तेजी से घटा: तीन दिन में 56 हजार श्रद्धालुओं ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन, यात्रा जारी
अमरनाथ हिम शिवलिंग का आकार तेजी से घटा: तीन दिन में 56 हजार श्रद्धालुओं ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन, यात्रा जारी
- गर्मी के असर से पिघला प्राकृतिक हिम शिवलिंग, श्रद्धालुओं की आस्था बरकरार
श्रीनगर। पवित्र अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले हिम शिवलिंग का आकार लगातार घटता जा रहा है। ताजा तस्वीरों के अनुसार, अब हिम शिवलिंग लगभग एक फीट का रह गया है। 23 मई को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) द्वारा जारी तस्वीरों में इसकी ऊंचाई करीब सात फीट थी, जबकि 29 जून को प्रथम पूजा के समय यह पांच फीट से अधिक ऊंचा था। अब बढ़ते तापमान और मौसम में बदलाव के कारण हिम शिवलिंग का अधिकांश भाग पिघल चुका है।
इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है। 3 जुलाई से शुरू हुई 57 दिवसीय अमरनाथ यात्रा में पहले तीन दिनों के दौरान 56 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 18.6 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2025 में यात्रा के शुरुआती तीन दिनों में 47,972 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे।

दोनों मार्गों से लगातार पहुंच रहे श्रद्धालु
श्रद्धालु 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक नुनवान-पहलगाम मार्ग तथा 14 किलोमीटर लंबे लेकिन अधिक कठिन बालटाल मार्ग से लगातार पवित्र गुफा तक पहुंच रहे हैं। इस वर्ष यात्रा 28 अगस्त, रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी।
9 जुलाई तक सभी पंजीकरण पूर्ण, प्रशासन ने जारी की सलाह
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 9 जुलाई तक सभी पंजीकरण स्लॉट पूर्ण हो चुके हैं। ऐसे में बिना पंजीकरण यात्रा पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को बालटाल और पहलगाम मार्ग के जांच केंद्रों पर रोक दिया जाएगा। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि के बाद ही यात्रा की योजना बनाएं।
अधिकारियों के अनुसार, केवल वैध पंजीकरण वाले श्रद्धालुओं को ही कश्मीर की ओर आगे बढ़ने की अनुमति दी जा रही है, ताकि यात्रा सुचारु और सुरक्षित बनी रहे।

प्राकृतिक रूप से बनता है बाबा बर्फानी का हिम शिवलिंग
अमरनाथ गुफा का हिम शिवलिंग किसी मानव द्वारा तैयार नहीं किया जाता। यह गुफा की छत से टपकने वाली जल बूंदों के धीरे-धीरे जमने से प्राकृतिक रूप से बनने वाली बर्फ की संरचना है। इसका आकार पूरी तरह मौसम, तापमान और जल उपलब्धता पर निर्भर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष अपेक्षाकृत अधिक तापमान और गुफा के भीतर बढ़ी प्राकृतिक तथा मानवीय गतिविधियों के कारण बर्फ तेजी से पिघली है।
यात्रा पर नहीं पड़ा कोई प्रभाव
हिम शिवलिंग के आकार में कमी आने के बावजूद अमरनाथ यात्रा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रा रोकने संबंधी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। श्रद्धालु नियमित रूप से बाबा बर्फानी के दर्शन कर रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह सुदृढ़ रखी गई है।
