सोनीपत: सोनीपत बारिश में भीगा हजारों कट्टे गेहूं, उठान में देरी से नुकसान
सोनीपत: खरखौदा अनाज में बरसात से भीगा गेहूं।
सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत के खरखौदा अनाज मंडी में अव्यवस्था और लापरवाही के कारण हजारों कट्टे गेहूं मंगलवार रात को हुई बारिश में भीग गए। समय पर उठान न होने से आढ़तियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। मंडी में लंबे समय से ट्रांसपोर्ट की कमी बनी हुई है, जिसके कारण अनाज खुले में पड़ा रहा और बारिश में भीग गया।
आढ़तियों ने बताया कि यदि समय रहते उठान हो जाता तो यह स्थिति नहीं बनती। अब भीगे गेहूं को दोबारा सुखाने और मजदूरों को अतिरिक्त भुगतान करने की मजबूरी आ गई है। इससे लागत बढ़ गई और मुनाफा घटने का खतरा बढ़ गया है। इस घटना ने मंडी प्रबंधन, खरीद एजेंसियों और ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बारिश के कारण मंडी में कई जगह जलभराव हो गया, जिससे खुले में रखा गेहूं पूरी तरह भीग गया। जानकारी के अनुसार करीब पैंतीस से 40 आढ़तियों के हजारों कट्टे गेहूं प्रभावित हुए हैं। भीगने से गेहूं की गुणवत्ता पर भी असर पड़ा है। एक आढ़ती ने बताया कि उसके 25 हजार कट्टों का उठान होना था, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते केवल आठ हजार कट्टे ही उठाए गए। बाकी गेहूं खुले में पड़ा रहा और बारिश में खराब हो गया।
मंडी प्रधान नरेश कुमार ने बताया कि ट्रांसपोर्टर और वाहनों की उपलब्धता में देरी इस नुकसान की मुख्य वजह है। समय पर वाहन नहीं मिलने से अनाज मंडी में ही पड़ा रह गया। पूर्व मंडी अध्यक्ष रोहताश दहिया ने कहा कि फसल का वजन होने के बाद अनाज आढ़तियों की जिम्मेदारी बन जाता है, लेकिन खरीद एजेंसी की लापरवाही से दुकानदारों को भारी नुकसान हुआ है। आरोप है कि उठान के लिए लगाए गए ठेकेदार के पास पर्याप्त वाहन नहीं हैं। इसी कारण समय पर उठान नहीं हो पाया। कुछ आढ़तियों ने यह भी आरोप लगाया कि गेहूं की बोरियों से अनाज निकालने का खेल चल रहा है और इसमें ड्राइवर व ठेकेदार की मिलीभगत हो सकती है। आढ़तियों का दावा है कि एक गाड़ी से अनाज और बारदाना बरामद किया गया है। मामले की शिकायत अधिकारियों को दी गई है और जांच की मांग की गई है। आढ़तियों ने प्रशासन से जल्द उठान कराने और नुकसान की भरपाई करने की मांग की है।
