March 12, 2026

सिलेंडर संकट पर संसद में संग्राम: ‘नरेंद्र भी गायब, सिलेंडर भी गायब’ के नारे; विपक्ष का सरकार से सवाल-देश में आखिर क्या चल रहा है?

Parliament battles over the cylinder crisis Narendra is missing, cylinders are missing chants; the opposition questions the government What is going on in the country

फोटो AI से बनाई गई है।

नई दिल्ली, अजीत कुमार। लोकसभा में गुरुवार को एलपीजी सिलेंडर की कथित कमी और बढ़ती कीमतों को लेकर विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा किया। सुबह 11 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। सांसदों ने सरकार पर आम जनता की समस्याओं से मुंह मोड़ने का आरोप लगाया और लगातार “नरेंद्र भी गायब, सिलेंडर भी गायब” के नारे लगाए। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को बार-बार सांसदों से शांत रहने की अपील करनी पड़ी। हालांकि विपक्ष के तेवर कम नहीं हुए और आखिरकार स्पीकर को कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। महज तीन मिनट के भीतर ही सदन की कार्यवाही ठप हो गई।

संसद परिसर में राहुल गांधी का प्रदर्शन
सदन के भीतर हंगामे के साथ-साथ संसद परिसर के बाहर भी विपक्ष ने प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित कई विपक्षी सांसदों ने एलपीजी सिलेंडर संकट के मुद्दे पर सरकार को घेरा। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को यह कह रहे हैं कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन हालात कुछ और ही कहानी बता रहे हैं। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री कहते हैं कि सब ठीक है, लेकिन खुद उनकी कुर्सी सदन में खाली दिखाई देती है। जब देश सवाल पूछ रहा है, तब प्रधानमंत्री का गायब रहना कई सवाल खड़े करता है।”

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि ये लोग देश और लोकतंत्र के हित में नहीं, बल्कि उसके खिलाफ काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में कांग्रेस के नेता गरीबों के पैसे का दुरुपयोग करते हैं और देश में सिर्फ भ्रम और अफवाह फैलाने का काम कर रहे हैं। गिरिराज सिंह ने कहा, “महामारी के कठिन दौर में भी हमने देश के हालात संभाले थे और मौजूदा स्थिति को भी संभालने में सक्षम हैं। सरकार हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।”

विपक्ष की मांग: संसद में हो खुली चर्चा

  • कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी सिलेंडर संकट को गंभीर मुद्दा बताते हुए संसद में इस पर विस्तृत चर्चा की मांग की। उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लग रही हैं और कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं।
  • थरूर ने कहा, “संसद जनता की आवाज है। सरकार को यहां आकर बताना चाहिए कि असल स्थिति क्या है और लोगों को भरोसा दिलाना चाहिए कि संकट जल्द खत्म होगा।”
  • कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने भी प्रधानमंत्री से संसद में बयान देने और इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की। उनका कहना है कि पश्चिम एशिया के संकट का भारत पर क्या असर पड़ रहा है, यह देश को जानने का अधिकार है।

स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज
इस पूरे घटनाक्रम से पहले बुधवार को लोकसभा में विपक्ष द्वारा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज कर दिया गया था। इसके बाद गुरुवार को स्पीकर फिर से सदन की अध्यक्षता करने के लिए अपनी कुर्सी पर लौटे। कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा कि यह प्रस्ताव केवल विरोध दर्ज कराने के लिए लाया गया था। उन्होंने माना कि विपक्ष को पहले से पता था कि यह प्रस्ताव पारित नहीं होगा, लेकिन यह असंतोष जताने का एक लोकतांत्रिक तरीका था।

राज्यसभा में फारूक अब्दुल्ला पर हमले का मुद्दा
उधर राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर हमले की घटना का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों पैदा हो रही है। खड़गे ने कहा कि यह गंभीर मामला है और फारूक अब्दुल्ला की सुरक्षा को लेकर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। इस पर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार इस घटना को बेहद गंभीरता से ले रही है और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।

राजनीतिक टकराव तेज, जवाब का इंतजार
सिलेंडर संकट, संसद में हंगामा और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। विपक्ष जहां सरकार से जवाब मांग रहा है, वहीं सरकार विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगा रही है। अब देश की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार संसद में इन सवालों का क्या जवाब देती है और आम जनता को राहत देने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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