ईरान बोला: जंग हमारी पसंद नहीं, देश पर थोपी गई; सीजफायर पर बात का अभी समय नहीं
तेहरान, जीजेडी न्यूज। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच ईरान ने साफ कहा है कि वह अपनी इच्छा से नहीं बल्कि मजबूरी में जंग लड़ रहा है। तेहरान में सोमवार को आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि यह युद्ध देश पर जबरन थोपा गया है और ईरान को अपनी रक्षा के लिए लड़ना पड़ रहा है। उन्होंने फिलहाल किसी भी तरह के सीजफायर या मध्यस्थता की संभावना से इनकार करते हुए कहा कि जब तक सैन्य टकराव जारी है, तब तक रक्षा के अलावा किसी दूसरे मुद्दे पर चर्चा करना उचित नहीं है। बघाई ने तुर्किये, साइप्रस और अजरबैजान की दिशा में हमले किए जाने की खबरों को भी खारिज किया। वहीं युद्ध के बीच इज़राइल में ईरानी मिसाइल हमले में एक व्यक्ति की मौत की खबर है। इस बीच ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद क्षेत्रीय हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं।
ईरान का बयान—जंग मजबूरी, पसंद नहीं
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरान इस युद्ध की शुरुआत करने वाला देश नहीं है। उनके मुताबिक यह जंग देश पर थोपी गई है और मौजूदा हालात में ईरान को अपनी सुरक्षा के लिए लड़ना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश की सेना और जनता अपने क्षेत्र और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं। बघाई ने यह भी कहा कि ईरान के लोग एकजुट होकर अपने देश की रक्षा कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर हर स्तर पर जवाब देने के लिए तैयार हैं।
सीजफायर पर चर्चा का अभी समय नहीं
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जब उनसे युद्धविराम या मध्यस्थता की संभावना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि फिलहाल इस तरह की बात करना सही नहीं होगा। उनका कहना था कि इस समय सैन्य टकराव जारी है और जब तक यह स्थिति बनी हुई है, तब तक रक्षा के अलावा किसी अन्य विषय पर चर्चा करना उचित नहीं है।
पड़ोसी देशों पर हमलों से ईरान का इनकार
ईरान ने तुर्किये, साइप्रस और अजरबैजान की दिशा में हमले किए जाने की खबरों को भी खारिज कर दिया है। बघाई ने कहा कि पिछले सप्ताह इन देशों की ओर ईरान की जमीन से कोई मिसाइल या सैन्य कार्रवाई शुरू नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि दुश्मन देश इस तरह की घटनाओं का नाटक कर सकते हैं ताकि ईरान और अन्य क्षेत्रीय देशों के बीच तनाव पैदा किया जा सके।
अमेरिका पर लगाया कूटनीति का रास्ता बंद करने का आरोप
ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि उसके कदमों के कारण कूटनीतिक बातचीत का रास्ता बंद हो गया। बघाई ने कहा कि जब ईरान बातचीत की प्रक्रिया में शामिल था, उसी दौरान उस पर हमला किया गया। उनके अनुसार अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है और इससे वैश्विक नियमों और व्यवस्था को नुकसान पहुंचा है।
खाड़ी देशों से अच्छे संबंध रखने की बात
ईरान ने यह भी कहा कि वह क्षेत्र के देशों के साथ अच्छे और मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखना चाहता है। बघाई के अनुसार ईरान की नीति पड़ोसी देशों के साथ सहयोग और दोस्ती के रिश्ते कायम रखने की है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी देश की जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए किया जाता है तो ईरान को अपनी रक्षा करने का अधिकार होगा।
खामेनेई की मौत के बाद बदला शक्ति संतुलन
रिपोर्टों के अनुसार ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमले में मौत हो गई थी। वह 1989 से देश के सर्वोच्च नेता थे और लगभग 35 साल तक इस पद पर बने रहे। 1979 की इस्लामिक क्रांति में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद 1981 में उन्हें ईरान का राष्ट्रपति बनाया गया और 1989 में रुहोल्लाह खुमैनी की मौत के बाद वह सुप्रीम लीडर बने।
इजराइल में मिसाइल हमले में एक की मौत
इजराइल में ईरान के मिसाइल हमले के बाद एक व्यक्ति की मौत हो गई है। बचाव दल ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया है। इस घटना के बाद युद्ध में इजराइल में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। इसी बीच इजराइली सरकार कुछ क्षेत्रों में धीरे-धीरे स्कूल खोलने की योजना बना रही है, जबकि सेना ने हिजबुल्लाह से जुड़ी एक संस्था को निशाना बनाने की चेतावनी भी दी है।
