March 13, 2026

सोनीपत: विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हर क्षेत्र में अग्रणी बनना अनिवार्य: कुलगुरु

Sonepat: To become a developed nation, it is essential to become a leader in every field: Vice Chancellor

सोनीपत: मुख्य वक्ता प्रदीप का स्वागत करमते हुए कुलगुरु प्रो. प्रकाश सिंह।

  • स्वामी विवेकानंद की शिक्षा पर डीसीआरयूएसटी में विचार गोष्ठी आयोजित

सोनीपत, अजीत कुमार। दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल में स्वामी विवेकानंद की शिक्षा और विचारधारा पर केंद्रित एक विशेष गोष्ठी का आयोजन गुरुवार को किया गया। गोष्ठी का उद्देश्य स्वामी विवेकानंद के शिक्षा दर्शन को वर्तमान समय से जोड़ते हुए वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने पर विचार करना रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. प्रकाश सिंह ने की, जबकि मुख्य वक्ता समाजसेवी प्रदीप रहे।

कुलगुरु प्रो. प्रकाश सिंह ने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी बनना अनिवार्य है। शिक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, रक्षा, उत्पादन और अनुसंधान में श्रेष्ठता हासिल किए बिना यह लक्ष्य संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जब भारत तकनीक और ज्ञान का निर्यातक बनेगा तथा अन्य देश भारत पर निर्भर होंगे, तभी राष्ट्र सशक्त होगा।

उन्होंने कहा कि वर्तमान युग ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था का है। जो देश अनुसंधान, नवाचार और प्रौद्योगिकी में आगे है, वही आर्थिक रूप से मजबूत बन सकता है। विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी है कि वे देश की आवश्यकताओं के अनुरूप शोध को आगे बढ़ाएं और विद्यार्थियों को केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि नवाचार करने वाला नागरिक बनाएं।

कुलगुरु ने रक्षा और उत्पादन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर बल देते हुए कहा कि स्वदेशी तकनीक और उपकरणों के निर्माण से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और भारत वैश्विक स्तर पर प्रभावी भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी विकास के साथ नैतिक मूल्यों का संतुलन आवश्यक है, अन्यथा तकनीक समाज के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकती है।

मुख्य वक्ता समाजसेवी प्रदीप ने स्वामी विवेकानंद के जीवन और शिक्षा दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका मानना था कि शिक्षा मनुष्य के भीतर निहित पूर्णता को प्रकट करती है। उन्होंने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के विचारों को जीवन में अपनाकर समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विद्यार्थी, शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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