March 12, 2026

भाजपा अध्यक्ष चुनाव: 20 जनवरी को भाजपा को मिलेगा नया राष्ट्रीय अध्यक्ष, नितिन नबीन के निर्विरोध चुने जाने के संकेत

BJP to get new national president on January 20, Nitin Nabin likely to be elected unopposed

नितिन नबीन को 14 दिसंबर 2025 को भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष घोषित किया गया था। 15 दिसंबर को शाह और नड्‌डा ने उन्हें हाथ पकड़कर अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाया था।

नई दिल्ली, अजीत कुमार। भारतीय जनता पार्टी को 20 जनवरी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने जा रहा है। पार्टी ने शुक्रवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है। तय कार्यक्रम के अनुसार 19 जनवरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किए जाएंगे, जबकि 20 जनवरी को नए अध्यक्ष के नाम की औपचारिक घोषणा की जाएगी। मौजूदा हालात को देखते हुए पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के निर्विरोध चुने जाने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

भाजपा के राष्ट्रीय रिटर्निंग ऑफिसर के लक्ष्मण ने बताया कि 19 जनवरी को दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक नामांकन प्रक्रिया चलेगी। उसी दिन शाम 5 बजे से 6 बजे के बीच उम्मीदवार नामांकन वापस ले सकेंगे। यदि एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं तो 20 जनवरी को मतदान कराया जाएगा, लेकिन आम सहमति की स्थिति में उसी दिन निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा कर दी जाएगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में संपन्न होगी।

न्यूज एजेंसी एएनआई ने 13 जनवरी को सूत्रों के हवाले से बताया था कि नितिन नबीन 19 जनवरी को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। उन्हें 14 दिसंबर 2025 को भाजपा का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया था। फिलहाल वही इस पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। यदि नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाता है तो वे 45 वर्ष की उम्र में भाजपा के अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे।

भाजपा ने वर्ष 2020 में जेपी नड्डा को राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया था। 2024 में उनका कार्यकाल समाप्त हो गया था, जिसके बाद वे विस्तार पर बने रहे। वर्तमान में जेपी नड्डा केंद्र सरकार में स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

नितिन नबीन के नेतृत्व में भाजपा संगठन में बड़े बदलावों की संभावना जताई जा रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार नई टीम में करीब 80 प्रतिशत युवाओं को जिम्मेदारी देने की दिशा में काम किया जाएगा। हालांकि पूरी टीम के गठन में लगभग छह महीने लग सकते हैं, लेकिन संगठन के अहम पदों पर 50 वर्ष से कम उम्र के नेताओं को तरजीह मिलने के संकेत हैं। अगले वर्ष होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर विशेष फोकस रहेगा।

पिछले छह महीनों में भाजपा में संगठनात्मक बदलाव तेज हुए हैं। इस दौरान मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और झारखंड में प्रदेश अध्यक्षों का चयन निर्विरोध हुआ, जिससे पार्टी में आम सहमति के जरिए नेतृत्व चयन की परंपरा को और बल मिला है।

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