हिंदी भाषा पर कार्यक्रम: उत्तर प्रदेश सिंधी अकादमी द्वारा 13 जनवरी को मथुरा में होगा सिंधी
हिंदी भाषा पर कार्यक्रम: उत्तर प्रदेश सिंधी अकादमी द्वारा 13 जनवरी को मथुरा में होगा सिंधी
मथुरा, किशोर इसरानी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सिंधी अकादमी द्वारा सिंधी बोली – भाषा, कला एवं संस्कृति के संरक्षण – संवर्द्धन हेतु प्रदेश के विभिन्न शहरों में विविध प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में उप्र सिंधी अकादमी द्वारा मथुरा में विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में संगोष्ठी एवं सिंधी सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
मीडिया प्रभारी किशोर इसरानी ने बताया कि सिंधी बोली भाषा के प्रचार प्रसार और सिंधी संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मथुरा में सिंधी मातृशक्ति संस्कार मंच बनाया गया है, जिसके सहयोग से पहला कार्यक्रम 13 जनवरी मंगलवार को दोपहर 4 बजे से वृंदावन मार्ग स्थित ब्रज कला केंद्र में विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष्य पर “हिंदी – सिंधी में समानता तथा राष्ट्र निर्माण में सिंधी संस्कृति” विषयक संगोष्ठी तथा सिंधी सांस्कृतिक चटाभेटी के अंतर्गत बच्चों द्वारा सिंधी लोकगीत, भजन, कविता, नृत्य इत्यादि प्रस्तुत किए जायेंगे।
अग्रणी सिंधी महिला गीता नाथानी ने बताया कि कार्यक्रम में उप्र सिंधी अकादमी के निदेशक अभिषेक कुमार अखिल की मौजूदगी रहेगी, वहीं सिंधी समाज के गणमान्यजन अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसमें मथुरा के समस्त सिंधी संगठनों के प्रतिनिधियों की भागीदारी रहेगी, वहीं स्वागतकर्ता कार्यक्रम की सहयोगी संस्था के रूप में बनी सिंधी मातृशक्ति संस्कार मंच से जुड़कर शहर की अग्रणीय सिंधी महिलाएं मेजबानी करेंगी।
समाजसेवी अनिता चावला एडवोकेट ने बताया कि कार्यक्रम के लिए सिंधी जनरल पंचायत, भारतीय सिंधु सभा, लाड़ी लोहाणा सिंधी पंचायत, जिए सिंध सेवा संगम, सिंधी वेलफेयर फाउंडेशन मिशन स्माइल आदि संगठनों के अध्यक्ष सहित समस्त टीम को आमंत्रित किया गया है, इसमें बच्चों के साथ ही उनके अभिभावक भी शामिल होंगे।
उप्र सिंधी अकादमी के निदेशक अभिषेक कुमार अखिल का कहना है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के उभरती हुई प्रतिभा को मंच देने के प्रयास के साथ ही विद्वानों के अनुभव प्राप्त करना भी है। भाषा विभाग उत्तर प्रदेश शासन के नियंत्रणाधीन सिंधी अकादमी द्वारा, सिंधी बोली – भाषा, कला एवं संस्कृति के संरक्षण – संवर्द्धन हेतु प्रदेशभर में सिंधी पाठशाला, सिंधी संगोष्ठी आदि कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं।
