October 14, 2026

सोनीपत :जिले की 21 मंडियों में गेहूं खरीद हुई दो लाख 80 हजार मीट्रिक टन 

Two lakh 80 thousand metric tonnes of wheat was purchased in 21 mandis of the district.

सोनीपत: अनाज मंडी में पहुंचा हुआ गेहूं, इनसेट में उपायुक्त नेहा सिंह

सोनीपत, ज्योति शर्मा। जिले की अलग-अलग अनाज मंडियों और खरीद केन्द्रों में गेहूं की आवक लगातार बढ़ रही है। शनिवार देर सांय तक 21 मंडियों और खरीद केन्द्रों में दो लाख 80 हजार 904.3 मीट्रिक टन गेहूं पहुंचा और सभी सरकारी एजेंसियों ने तय समर्थन मूल्य पर खरीद पूरी की। प्रशासन का कहना है कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए मंडियों में जरूरी व्यवस्था पहले से की गई है।

उपायुक्त नेहा सिंह ने बताया कि कुल खरीदे गए गेहूं में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 44 हजार 90 मीट्रिक टन, हैफेड ने एक लाख नौ हजार 835 मीट्रिक टन, हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन ने एक लाख 25 हजार 431.12 मीट्रिक टन और एफसीआई ने एक हजार 548 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है। सभी एजेंसियां मिलकर खरीद प्रक्रिया को सुचारु रूप से चला रही हैं।

खरीद केन्द्रों के अनुसार गांव बरोदा में दो हजार 60 मीट्रिक टन, भैंसवाल में तीन हजार 555 मीट्रिक टन, बिचपड़ी में 375 मीट्रिक टन और दातौली में पांच हजार 220.7 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। फरमाणा केन्द्र पर आठ हजार 797.2 मीट्रिक टन, गन्नौर अनाज मंडी में 17 हजार 646.5 मीट्रिक टन और गोहाना अनाज मंडी में सबसे अधिक एक लाख 13 हजार 435.6 मीट्रिक टन खरीद दर्ज की गई। कांसड़ी में छह हजार 625 मीट्रिक टन और कथूरा में चार हजार 465.4 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया।

इसी तरह खानपुर में पांच हजार 304.22 मीट्रिक टन, खरखौदा अनाज मंडी में 32 हजार 448.5 मीट्रिक टन, मुडलाना में पांच हजार 105 मीट्रिक टन और मुरथल में चार हजार 760.5 मीट्रिक टन खरीद हुई। नाहरा में चार हजार 60 मीट्रिक टन, पुगथला में 10 हजार 51.2 मीट्रिक टन, पुरखास में पांच हजार 700.1 मीट्रिक टन, रूखी में छह हजार 754.7 मीट्रिक टन और सनपेड़ा में छह हजार 195.5 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। सोनीपत अनाज मंडी में 36 हजार 796.2 मीट्रिक टन और सोनीपत सीलो केन्द्र पर एक हजार 548 मीट्रिक टन खरीद पूरी हुई।

अब तक 16 हजार 734 किसान अपनी फसल लेकर मंडियों में पहुंचे हैं। सभी किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर खरीद की गई है। प्रशासन का कहना है कि भुगतान और उठान प्रक्रिया भी तेज गति से जारी है, ताकि किसानों को समय पर पूरा लाभ मिल सके।

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