January 26, 2026

संयुक्त प्रयासों से मुखबधिर बच्ची को परिजनों से मिलाया

Through joint efforts, the deaf and mute girl was reunited with her family.

सोनीपत: जिला बाल संरक्षण अधिकारी रितू गिल बच्ची का परिजनों मिलाते हुए।

सोनीपतजिले में मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण कार्यालय तथा अपराध शाखा मानव तस्करी निरोधक इकाई, सोनीपत के संयुक्त प्रयासों से एक मुखबधिर बच्ची को सकुशल उसके परिजनों से मिलवाया गया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी रितू गिल ने गुरुवार को बताया कि बच्ची 25 मई को लापता हो गई थी, जिसकी पहचान लंबे समय तक संभव नहीं हो पा रही थी।

जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने जानकारी दी कि बच्ची के लापता होने पर परिजनों ने खरखौदा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बाद में 29 जुलाई को बच्ची को पानीपत से बालग्राम राई, सोनीपत में सुरक्षित रूप से स्थानांतरित किया गया। बच्ची मुखबधिर है और उसकी आयु लगभग 15 वर्ष है। बालग्राम राई द्वारा निरंतर प्रयास किए गए, परंतु पहचान से संबंधित कोई ठोस जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी।

उन्होंने बताया कि पहचान सुनिश्चित करने के लिए अपराध शाखा तथा बालग्राम राई के सहयोग से आधार पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई। तकनीकी कारणों से दो बार आवेदन निरस्त हुआ, लेकिन तीसरे प्रयास में आधार प्रक्रिया पूर्ण होने पर बच्ची का स्थायी पता उत्तर प्रदेश के शाहबाजनगर गांव में दर्ज पाया गया।

पते की पुष्टि होते ही अपराध शाखा मानव तस्करी निरोधक इकाई की टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई। परिजनों को बुलाकर बाल कल्याण समिति के समक्ष सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं और बच्ची को सुरक्षित रूप से उनके सुपुर्द कर दिया गया। इस सराहनीय कार्य पर उपायुक्त सुशील सारवान ने बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण कार्यालय, अपराध शाखा तथा बालग्राम राई की टीम की प्रशंसा करते हुए इसे संवेदनशील प्रशासनिक समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

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