सोनीपत: देश विदेश से आए हजारों साधकों ने तीन दिवसीय प्रणव साधना की
सोनीपत: बड़ी स्थित ऋषि चैतन्य आश्रम में प्रणव-उपासना शिविर में आनंदमूर्ति गुरुमां।
सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत के बड़ी स्थित ऋषि चैतन्य आश्रम में तीन दिवसीय प्रणव-उपासना शिविर मंगलवार को संपन्न हुआ। इस शिविर में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और ध्यान, प्राणायाम व ओंकार साधना की। शिविर परम श्रद्धेय आनंदमूर्ति गुरुमां के सानिध्य में हुआ, जहां ओंकार को परम चेतना का प्रतीक बताते हुए साधना की सरल और व्यवहारिक विधियां समझाई गईं।
शिविर के दौरान ओंकार के अभ्यास कराया गया। साधकों को प्राणायाम, अंतर कुंभक और बाह्य कुंभक की विधियां सिखाई गईं। श्वास के साथ ओंकार उच्चारण का अभ्यास कराया गया, जिससे मन को शांत और एकाग्र बनाने पर जोर दिया गया। ध्यान सत्रों में मधुर संगीत की धुनों ने साधकों को अंतर्मुखी होने में सहायता दी। गुरुमां ने बताया कि प्रणव साधना का फल पाने के लिए मन में सरलता और अनुशासन जरूरी है। उन्होंने दैनिक जीवन में संतुलित भोजन, नियंत्रित दिनचर्या और नियमित ध्यान का महत्व समझाया। साधकों को प्रतिदिन निश्चित समय और स्थान पर ध्यान करने की सलाह दी गई ताकि साधना में निरंतरता बनी रहे।
सत्संग सत्र में संत परंपरा से जुड़े प्रसंग भी साझा किए गए। मच्छेंद्रनाथ और गोरखनाथ के जीवन प्रसंगों के माध्यम से कठिन परिस्थितियों में मन की शांति बनाए रखने का संदेश दिया गया। इन उदाहरणों ने उपस्थित लोगों को अनुशासन और साधना के प्रति प्रेरित किया। अंतिम दिन साधकों ने सामूहिक ध्यान किया। तीन दिनों तक चले इस आयोजन के बाद आश्रम परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा और ओंकार की गूंज बनी रही।
