March 11, 2026

सोनीपत: एनजीटी के आदेश कचरा फैलाने पर लगेगा भारी जुर्माना लगेगा

Sonipat: NGT orders heavy fine for littering

फोटो AI से बनाई गई है।

सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत उपायुक्त सुशील सारवान ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के प्रकाश यादव बनाम हरियाणा राज्य मामले में जारी निर्देशों के तहत जिले में कचरा प्रबं‍धन को लेकर आदेश जारी किए हैं। उपायुक्त ने बताया कि सड़कों के किनारे, नदियों, जल निकायों, नहरों, वेटलैंड्स, झीलों, पंचायती या राजस्व भूमि तथा लोक निर्माण विभाग की भूमि पर कूड़ा डालना पूरी तरह प्रतिबंधित है।

उन्होंने बताया कि ठोस अपशिष्ट प्रबं‍धन नियम, 2016 के अनुसार कोई भी व्यक्ति या संस्था अपनी सीमा से बाहर गलियों, सार्वजनिक स्थानों या नालियों में कचरा नहीं फेंक सकता और न ही उसे जला सकता है। नियमों के तहत प्रत्येक नागरिक के लिए यह अनिवार्य है कि वह अपने घर या संस्था से निकलने वाले कचरे को गीले, सूखे और घरेलू खतरनाक कचरे के रूप में अलग-अलग श्रेणियों में बांटे और उसे केवल अधिकृत कचरा संग्रहकर्ता को ही सौंपे।

हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अजय मलिक ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों से भारी पर्यावरण मुआवजा वसूला जाएगा। सामान्य कचरा फैलाने के पहले मामले में पांच हजार रुपये और दोबारा उल्लंघन करने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि बड़ी मात्रा में कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों, निकायों या ठेकेदारों द्वारा लापरवाही बरतने पर पहली बार 25 हजार रुपये और दूसरी बार 50 हजार रुपये का दंड निर्धारित किया गया है। इस राशि की वसूली के लिए नगर निगम आयुक्त, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी और प्रदूषण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों को अधिकृत किया गया है। यदि कोई व्यक्ति जुर्माना जमा नहीं करता, तो यह राशि भू-राजस्व के बकाया की तरह कानूनन वसूली जाएगी।

उपायुक्त ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और स्वच्छ पर्यावरण बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग दें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी से ही स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।          

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