January 25, 2026

मोहनलाल बडौली: लोककाव्य से हरियाणवी संस्कृति को नई पहचान देने वाले लख्मीचंद : बडौली

Sonipat: Lakhmichand, who gave a new identity to Haryanvi culture through folk poetry: Badauli

सोनीपत: जाटी कलां में पंडित लख्मीचंद की पुण्य स्मृति में आयोजित उत्सव में भ्ज्ञाजपा प्रदेशाध्यक्ष बडौली को सम्मनित करते हुए।

सोनीपत, अजीत कुमार। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि सूर्यकवि पंडित लख्मीचंद ने सांग, रागिनी और लोककाव्य के माध्यम से हरियाणवी संस्कृति को नई पहचान दी। उनकी रचनाएं केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने वाली वैचारिक धरोहर हैं। बड़ौली गांव जाटी कलां में पंडित लख्मीचंद की पुण्य स्मृति में आयोजित सांग उत्सव को संबोधित कर रहे थे।

मोहन लाल बड़ौली ने पंडित लख्मीचंद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया और कहा कि उनका जीवन संघर्ष, साधना और सामाजिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लख्मीचंद हरियाणा की लोक परंपराओं, भाषा और सांस्कृतिक मूल्यों के गहरे जानकार थे। उनकी रचनाओं में सत्य, नैतिकता, मानवता और जीवन दर्शन का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है।

बड़ौली ने कहा कि रागिनी और सांग के माध्यम से पंडित लख्मीचंद ने आम जनमानस तक विचारों को सरल और प्रभावी रूप में पहुंचाया। यही कारण है कि उनके गीत और सांग आज भी गांव-गांव में गूंजते हैं और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़े रखते हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन हमारी लोक परंपराओं को संजोने और अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं। इन आयोजनों से युवाओं को अपनी संस्कृति, भाषा और इतिहास को समझने का अवसर मिलता है।

मोहन लाल बड़ौली ने युवाओं से आह्वान किया कि वे हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि जिस समाज को अपनी संस्कृति पर गर्व होता है, वही समाज भविष्य में मजबूत और आत्मनिर्भर बनता है। कार्यक्रम में कलाकारों की प्रस्तुतियों ने लोकसंस्कृति की समृद्ध परंपरा को जीवंत किया।

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