January 26, 2026

सोनीपत: गन्नौर में नायब तहसीलदार की शक्तियां तत्काल प्रभाव से छीने जाने की सिफारिश

Sonepat: Recommendation to take away the powers of the Naib Tehsildar in Ganaur with immediate effect.

सोनीपत: उपायुक्त एवं रजिस्ट्रार द्वारा जारी आदेश की प्रति

  • फर्जी विक्रेता, खरीदार और अन्य सभी संलिप्त व्यक्तियों पर प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश

सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत जिले की गन्नौर तहसील में पेपरलेस प्रणाली के तहत हुई पहली फर्जी रजिस्ट्री का मामला सामने आने के बाद उपायुक्त सुशील सारवान ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की है। गन्नौर के नायब तहसीलदार अमित कुमार की रजिस्ट्रेशन पावर तत्काल प्रभाव से छीने जाने की सिफारिश की है। फर्जी विक्रेता, खरीदार और अन्य सभी संलिप्त व्यक्तियों पर प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।

शिकायत के अनुसार दिल्ली के शालीमार बाग निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उनकी फर्म के नाम वर्ष 2011 से गन्नौर बाय रोड स्थित कुल 36 कनाल भूमि दर्ज है। उन्हें जानकारी मिली कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उनकी जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई। जांच में सामने आया कि नसीरपुर बांगर निवासी एक व्यक्ति ने फर्म का फर्जी पावर ऑफ अटॉरनी तैयार कर स्वयं को मालिक बताया और जींद जिले के निवासी को लगभग छह करोड़ सोलह लाख रुपये में जमीन बेची गई।

इस मामले में उपायुक्त ने जिला राजस्व अधिकारी, तहसील स्तर के अधिकारियों और संबंधित विभागों के साथ दस्तावेजों की समीक्षा की। जांच कमेटी को पंद्रह दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। गन्नौर के नायब तहसीलदार की रजिस्ट्री से संबंधित शक्तियां तत्काल प्रभाव से छीने जाने की सिफारिश की गई है और जांच पूरी होने तक उन्हें इस कार्य से दूर रखने के निर्देश दिए गए हैं। पेपरलेस प्रणाली के तहत हुई रजिस्ट्री को प्रशासनिक स्तर पर निरस्त न किए जा सकने के कारण सिविल न्यायालय में वाद दायर करने के आदेश दिए गए हैं।

रजिस्ट्री में दर्शाए गए गवाह, नंबरदार और डीड राइटर की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। सभी पर आपराधिक मामला दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व मंत्री ने भी मामले से संबंधित दस्तावेज तलब कर अलग से जांच कराने की बात कही है।

गन्नौर तहसील में रजिस्ट्री में अनियमितताओं का यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2023 में तत्कालीन नायब तहसीलदार शिवराज द्वारा नगर पालिका क्षेत्र की अवैध कॉलोनियों में 63 रजिस्ट्रियां बिना नगर पालिका एनओसी और प्रॉपर्टी टैक्स के कर दी गई थीं। मामले में जांच के बाद अधिकारी को पहले हटाया गया और बाद में निलंबित किया गया था।

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