सोनीपत क्राइम: न्यूजीलैंड वीजा के नाम पर साढ़े सत्रह लाख ठगे
प्रतीकात्मक तस्वीर।
सोनीपत। सोनीपत जिले में विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी हुई है। न्यूजीलैंड वर्क वीजा और स्टडी वीजा दिलाने का झांसा देकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर साढ़े सत्रह लाख रुपये हड़प लिए गए। पीड़ित की शिकायत पर सोमवार को थाना सिविल लाइन सोनीपत में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
गन्नौर निवासी अंकुर हुड्डा ने बताया कि वर्ष 2024 में उसकी मुलाकात प्रीतम नामक व्यक्ति से हुई थी। आरोपी ने खुद को विदेशों में वर्क परमिट दिलाने वाला एजेंट बताया और न्यूजीलैंड वर्क वीजा के लिए 17 लाख 50 हजार रुपये की मांग की। सौदा तय होने पर 6 मई 2024 को एक लाख रुपये अग्रिम दिए गए और लिखित समझौता भी कराया गया। शिकायत के अनुसार आरोपी कई महीनों तक वीजा आने का भरोसा देता रहा। जब पीड़ित ने रुपये वापस मांगे तो आरोपी ने न्यूजीलैंड की बजाय ऑस्ट्रेलिया वर्क वीजा जल्द लगवाने की बात कहकर टालमटोल शुरू कर दी। 19 मार्च 2025 को आरोपी ने सोनीपत स्थित कार्यालय में बुलाकर न्यूजीलैंड वीजा से जुड़े दस्तावेज सौंपे, जो जांच कराने पर पूरी तरह फर्जी पाए गए।
मामला उजागर होने पर अप्रैल 2025 में आरोपी और उसके परिजन पीड़ित के घर पहुंचे तथा स्टडी वीजा दिलाने का नया झांसा दिया। इसके बाद साइप्रस के लेद्रा कॉलेज में दाखिले के नाम पर एक व्हाट्सऐप समूह बनाकर कंडीशनल ऑफर लेटर भेजा गया। आरोपियों के कहने पर एक्सप्लोर पिक्सेल टूर एंड ट्रेवल्स एलएलपी के खाते में 5 लाख 39 हजार 900 रुपये ट्रांसफर कराए गए।
पीड़ित ने जब सीधे कॉलेज से संपर्क किया तो पता चला कि फीस जमा नहीं कराई गई थी और भेजी गई रसीद भी फर्जी थी, जिसके कारण दाखिला रद्द हो चुका था। आरोप है कि रुपये और पासपोर्ट मांगने पर शिकायत न करने का दबाव बनाया गया। बाद में केवल एक लाख रुपये लौटाए गए।
शिकायत के आधार पर सोमवार को थाना सिविल लाइन सोनीपत में मामला दर्ज किया गया। जांच एएसआई विकास को सौंपी गई है। पुलिस ने सभी दस्तावेज कब्जे में लेकर आरोपियों की भूमिका की गहन जांच शुरू कर दी है। दोषी पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
