मंत्री डॉ अरविंद शर्मा: जेल सुधार की दिशा में सात जेल फिलिंग स्टेशन शुरू
सोनीपत: जेल मंत्री डा. अरविंद शर्मा का स्मृ1ति चिह्न देते हुए
- सुधार के साथ नवाचार कौशल को बढ़ावा दे रही नायब सरकार : डॉ अरविंद शर्मा
सोनीपत। सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश में अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा रहा है। हरियाणा की जेलें अब केवल दंड के स्थान नहीं रहीं, बल्कि सुधार, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के केंद्र के रूप में विकसित हो रही हैं। इसका उद्देश्य यह है कि सजा पूरी करने के बाद बंदी समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक जीवन जी सकें।

रविवार को डॉ अरविंद शर्मा ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली, नगर निगम मेयर राजीव जैन और जेल महानिदेशक आलोक कुमार राय की उपस्थिति में जिला जेल सोनीपत परिसर से सोनीपत, करनाल, फरीदाबाद, हिसार, अंबाला, यमुनानगर और नूंह स्थित जेल परिसरों में स्थापित जेल फिलिंग स्टेशन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि बंदियों को अच्छे आचरण के आधार पर जेल से बाहर काम के अवसर उपलब्ध कराने की योजना के तहत तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निर्देश पर कुरुक्षेत्र जेल में पायलट परियोजना के रूप में जेल फिलिंग स्टेशन की शुरुआत की गई थी। परियोजना की सफलता के बाद प्रदेश की 11 जेलों में इस व्यवस्था को लागू करने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत आज सात फिलिंग स्टेशन प्रारंभ किए गए।
डॉ अरविंद शर्मा ने बताया कि मार्च 2026 तक नारनौल, भिवानी, सिरसा और झज्जर जेल परिसरों में भी जेल फिलिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सही योजना, ईमानदार क्रियान्वयन और सार्वजनिक उपक्रमों के सहयोग से जेलों को कौशल विकास और सुधारात्मक गतिविधियों का मजबूत केंद्र बनाया जा सकता है। हरियाणा की जेलें देश की सबसे सुरक्षित और अनुशासित जेलों में शामिल हैं, जहां आधुनिक सुरक्षा उपकरण, सीसीटीवी कैमरे, जैमर, प्रवेश नियंत्रण प्रणाली और सतत निगरानी के माध्यम से अवैध गतिविधियों पर कड़ा नियंत्रण रखा गया है।

जेल मंत्री ने कहा कि सरकार कैदियों को दंड के साथ मानवीय गरिमा भी प्रदान कर रही है। शिक्षा, नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में हरियाणा की जेलें अग्रणी हैं। इसी माह देश के मुख्य न्यायाधीश द्वारा गुरुग्राम जेल से आईटीआई डिप्लोमा और पॉलिटेक्निक पाठ्यक्रमों की शुरुआत की गई, जिसे अन्य प्रदेश भी अपना रहे हैं। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि जेल से बाहर आने के बाद बंदी आत्मनिर्भर बनकर समाज से जुड़ सकें।
जेल महानिदेशक आलोक कुमार राय ने बताया कि प्रदेश की जेलों में गैंगस्टरों को अलग-अलग स्थानों पर रखा गया है, ताकि उनका नेटवर्क न बन सके। उन्होंने कहा कि मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के कारण अपराधियों पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है, जिससे वे अन्य अपराधों में शामिल न हो सकें। इस अवसर पर भाजपा नेता अनिल ठक्कर, जसबीर दोदवा, इंडियन ऑयल कारपोरेशन के अधिकारी, जेल सलाहकार और जेल प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।
