January 26, 2026

मोदी सरकार: शिक्षा और खाद्य सुरक्षा कानून में सुधार की तैयारी, 100% पंजीकरण पर जोर

Preparations for reforms in education and food security laws, emphasis on 100% registration

पीएम मोदी।

नई दिल्ली। केंद्र सरकार मनरेगा के बाद यूपीए सरकार के कार्यकाल में बने दो अहम कानूनों—शिक्षा का अधिकार और खाद्य सुरक्षा कानून—में बड़े सुधार की तैयारी कर रही है। सरकार का मानना है कि इन योजनाओं का लाभ अब भी सभी पात्र लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। इसी वजह से सरकार नियमों और आदेशों के स्तर पर बदलाव कर इन्हें ज्यादा प्रभावी बनाने की कोशिश करेगी। यदि इन सुधारों से अपेक्षित नतीजे नहीं मिले, तो संसद में नए संशोधन विधेयक लाने का विकल्प भी खुला रखा गया है। इसके साथ ही सरकार लोगों को आवास का अधिकार भी कानूनी रूप देने पर विचार कर रही है।

परामर्श प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि मनमोहन सिंह सरकार के दौरान बने अधिकार आधारित कानूनों में कुछ बुनियादी खामियां रह गई थीं। शिक्षा का अधिकार कानून लागू होने के बावजूद सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पाई और खाद्य सुरक्षा कानून के बावजूद हर जरूरतमंद परिवार तक सस्ता या मुफ्त राशन नहीं पहुंच सका। सरकार का मानना है कि केवल किसी योजना को कानूनी अधिकार बना देना काफी नहीं है, बल्कि उसका जमीनी स्तर पर सही तरीके से लागू होना ज्यादा जरूरी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ निर्देश दिए हैं कि सभी लाभार्थियों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक, सही समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचे, इसके लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और रियल टाइम मॉनिटरिंग पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का फोकस शिक्षा, खाद्य सुरक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और आवास जैसे पांच जरूरी क्षेत्रों पर है। इन सभी में समय-सीमा के साथ लक्ष्य तय करने, डिजिटल निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और राष्ट्रव्यापी पंजीकरण अभियान चलाने की योजना है।

खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित करने के लिए FSSAI की स्थापना की गई थी और उल्लंघन पर कड़े दंड का प्रावधान है। वहीं शिक्षा का अधिकार कानून के तहत 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार दिया गया है। इसके बावजूद सरकार का आकलन है कि दोनों कानूनों के क्रियान्वयन में सुधार की जरूरत है।

गौरतलब है कि संसद के शीतकालीन सत्र में मनरेगा की जगह विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G Ram G कानून पास किया गया था, जिस पर विपक्ष ने महात्मा गांधी का नाम हटाने को लेकर विरोध भी जताया था। अब सरकार इसी तर्ज पर अन्य बड़े सामाजिक कानूनों को और प्रभावी बनाने की दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है।

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