January 26, 2026

नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति से होगा आत्मनिर्भर भारत निर्माण :कुलगुरु

Innovation and startup culture will lead to the creation of a self-reliant India: Vice Chancellor

सोनीपत: विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए कार्यशाला में शामिल विशेषज्ञ।

  • विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए कार्यशाला का आयोजन

सोनीपत। दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को आगे बढ़ाने हेतु एक विशेष कार्यशाला का आयोजन गुरुवार को किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं में नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना था, ताकि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा रोजगार सृजन के लिए मजबूत आधार तैयार किया जा सके।

कार्यशाला में स्टार्टअप संस्कृति को सुदृढ़ करने, इनक्यूबेशन केन्द्रों को प्रभावी बनाने तथा नवाचार को उद्योग से जोड़ने पर विस्तृत चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि स्टार्टअप आधारित विकास मॉडल भारत को तकनीकी, आर्थिक तथा औद्योगिक दृष्टि से सशक्त बनाता है। कार्यक्रम में कुलगुरु प्रो. प्रकाश सिंह, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अभिषेक टंडन, प्रोफेसर अनिल कुमार, श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय पलवल के प्रो. विक्रम सिंह, दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर गिरीश कुमार तथा विश्वविद्यालय के इनक्यूबेशन केन्द्र के निदेशक प्रो. अमित गर्ग सहित कई विशेषज्ञ शामिल हुए।

कुलगुरु प्रो. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत का मार्ग नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति से होकर गुजरता है। इनक्यूबेशन केन्द्र न केवल विद्यार्थियों बल्कि आसपास के क्षेत्रों के नवाचारकों को भी अपने विचारों को वास्तविक रूप देने में सहायता प्रदान करेगा। इससे समुदाय में रोजगार के नए अवसर बनेंगे और स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य मेक इन इंडिया अभियान को गति देते हुए युवाओं के नवाचार को उद्योग तक पहुंचाना है, ताकि वे अपने विचारों को प्रोजेक्ट रूप देकर रोजगार का माध्यम भी बना सकें। यह प्रयास भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और युवाओं में उद्यमिता की नई सोच विकसित करेगा।

कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण विश्वविद्यालय का इनक्यूबेशन केन्द्र रहा, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को संसाधन, मार्गदर्शन और नेटवर्किंग उपलब्ध कराना है। कुलगुरु सिंह ने इसे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि यह केन्द्र युवाओं में नवाचार की नई ऊर्जा जगाएगा। उन्होंने कहा कि भारत को विश्व नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए स्टार्टअप संस्कृति को व्यापक रूप से अपनाना आवश्यक है। विश्वविद्यालय इस दिशा में पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों को पूरा करने में सक्रिय भूमिका निभाएगा।

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