January 26, 2026

सोनीपत: देशी उद्योग आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला बने: विरेन्द्र बड़खालसा

Indigenous industries should become the foundation of self-reliant India: Virendra Badkhalsa

सोनीपत: प्रशिक्षण सेमिनार का उद्घाटन मुख्यमंत्री के ओएसडी विरेन्द्र बड़खालसा संबोधित करते हुए।

सोनीपत, अजीत कुमार। आत्मनिर्भर भारत और विकसित हरियाणा के संकल्प को सशक्त बनाने के उद्देश्य से दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल में स्वदेशी उद्योग, विकसित भारत विषय पर प्रशिक्षण सेमिनार का सोमवार को आयोजन किया गया। यह आयोजन बलिदानी दादा कुशल सिंह दहिया स्किलिंग एंड इकोनॉमिक डेवलपमेंट काउंसिल की ओर से किया गया, जिसमें स्वदेशी उद्योगों को वैश्विक मंच तक पहुंचाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।

सेमिनार का उद्घाटन मुख्यमंत्री के ओएसडी विरेन्द्र बड़खालसा ने किया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी केवल एक भावना नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, आत्मसम्मान और आर्थिक गौरव का प्रतीक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार की एकल खिड़की प्रणाली और वैश्विक पहुंच नीति के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। देसी उद्योगों की मजबूती ही विकसित भारत की वास्तविक नींव है।

मुख्य वक्ता डॉ. राज नेहरू ने कहा कि सच्ची शिक्षा वही है जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाती है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 का विकसित हरियाणा रोडमैप कौशल विकास, आत्मनिर्भरता और वैश्विक मानकों पर आधारित है। युवाओं को सीखो-सिखाओ की भावना अपनाकर अपनी क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने का आह्वान किया गया।

विदेश सहयोग विभाग के सलाहकार पवन चौधरी ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हरियाणा और तंजानिया के बीच व्यापार में पिछले वर्ष 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। तंजानिया में कृषि उपकरण, खनन, प्लाइवुड और सूचना प्रौद्योगिकी कौशल जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं। हरियाणा के निवेशकों द्वारा वहां कंपनियों का पंजीकरण देसी उद्योगों की वैश्विक उपस्थिति का प्रमाण है। कार्यक्रम के अंत में परिषद की ओर से युवाओं को कौशल प्रमाण पत्र वितरित किए गए और निर्यात, व्यापार विस्तार तथा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्किंग के लिए मार्गदर्शन देने का भरोसा दिलाया गया। आयोजन में नीति विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी रही।

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