भारत–ओमान FTA पर हस्ताक्षर, 98% भारतीय निर्यात को ड्यूटी-फ्री पहुंच
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओमान के मस्कट में आयोजित भारत-ओमान व्यापार मंच के दौरान - फोटो
नई दिल्ली। भारत और ओमान ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर कर लिए, जिससे भारत के 98 प्रतिशत निर्यात को ओमान के बाजार में बिना शुल्क पहुंच मिलेगी। यह करार ऐसे समय में हुआ है, जब भारत को अमेरिका जैसे बड़े बाजार में ऊंचे आयात शुल्क का सामना करना पड़ रहा है। इस समझौते से कपड़ा, कृषि उत्पाद, चमड़ा और औद्योगिक वस्तुओं के निर्यात को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है। बदले में भारत ओमान से आने वाले कुछ उत्पादों पर आयात शुल्क में रियायत देगा। यह समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में नया अध्याय जोड़ने वाला माना जा रहा है।
किन क्षेत्रों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
FTA के तहत भारत के कपड़ा, रेडीमेड गारमेंट्स, कृषि उत्पाद, चमड़ा और कुछ औद्योगिक सामानों को ओमान के बाजार में सीधी और सस्ती पहुंच मिलेगी। इससे भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और रोजगार सृजन को भी बल मिलेगा। वहीं भारत, ओमान से आयात होने वाले खजूर, मार्बल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर शुल्क में कटौती करेगा।
अगले वित्त वर्ष से लागू होने की संभावना
सरकारी सूत्रों के मुताबिक यह समझौता अगले वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही से लागू हो सकता है। ऐसे समय में यह करार रणनीतिक रूप से अहम है, जब भारत को अमेरिका में 50 प्रतिशत तक के संभावित टैरिफ दबाव का सामना करना पड़ रहा है। ओमान का बाजार भारतीय उत्पादों के लिए एक वैकल्पिक और मजबूत गंतव्य बन सकता है।
पीयूष गोयल–ओमानी मंत्री की अहम बैठक
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ओमान के वाणिज्य, उद्योग और निवेश प्रोत्साहन मंत्री कैस बिन मोहम्मद अल यूसुफ से मुलाकात की। गोयल ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंध पहले से मजबूत हैं और इस समझौते से उन्हें नई ऊंचाई मिलेगी।
मोदी को ओमान के सुल्तान का निमंत्रण
यह समझौता ऐसे समय हुआ है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक के निमंत्रण पर वहां पहुंचे हैं। दौरे के दौरान रणनीतिक साझेदारी, व्यापार और निवेश सहयोग को और विस्तार देने पर चर्चा होनी है।
70 साल पुराने रिश्ते, मजबूत होता व्यापार
भारत और ओमान के बीच 70 वर्षों से राजनयिक संबंध हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 10.613 अरब डॉलर पहुंच गया। ओमान में 6,000 से अधिक भारत-ओमान संयुक्त उद्यम संचालित हो रहे हैं।
GTRI की रिपोर्ट क्या कहती है
जीटीआरआई की रिपोर्ट के अनुसार भारत-ओमान सीईपीए से भारतीय औद्योगिक निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। शुल्क में कटौती से ओमान के बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता मजबूत होगी और द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को नई गति मिलेगी।
