सर्दियों में सेहत का संबल है बाजरे की रोटी: श्यो प्रसाद
जैव विविधता जागरूकता कार्यक्रम में बाजरे के फायदे बताते जिला समन्वयक श्यो प्रसाद।
खरखौदा। गांव सिसाना में बीएमसी चेयरमैन जगबीर की अध्यक्षता में जैव विविधता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हरियाणा राज्य जैव विविधता बोर्ड के जिला समन्वयक श्यो प्रसाद ने मोटे अनाज के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला और लोगों को सर्दियों में बाजरे की रोटी को आहार में शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बाजरा शरीर के लिए बेहद लाभकारी होता है और ठंड के मौसम में इसे खाने से कई तरह के स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं।
श्यो प्रसाद ने बताया कि बाजरे की रोटी न केवल स्वादिष्ट होती है, बल्कि यह पोषण से भी भरपूर होती है। बाजरे में प्रोटीन, फाइबर और आयरन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं और शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से बाजरे का सेवन करने से वजन नियंत्रित रखने में भी मदद मिलती है। सर्दियों में बाजरे की रोटी खाने से शरीर गर्म रहता है और मौसमी बीमारियों से बचाव होता है।
उन्होंने यह भी बताया कि बाजरा डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए भी सुरक्षित और लाभकारी माना जाता है। बाजरे की रोटी सरसों के साग के साथ विशेष रूप से पसंद की जाती है और ऊपर से थोड़ा मक्खन लगाने से इसका स्वाद और पौष्टिकता दोनों बढ़ जाते हैं।
कार्यक्रम में बीएमसी सदस्य ममता ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि बाजरा ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ने नहीं देता। इसमें मौजूद हाई फाइबर और प्रोटीन शुगर को संतुलित रखने में सहायक होते हैं, इसलिए यह मधुमेह रोगियों के लिए अच्छा विकल्प है।
इस अवसर पर गांव के अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे, जिनमें रामबीर, विनोद सहित बीएमसी के अन्य सदस्य भी शामिल थे। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को पारंपरिक और पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करना रहा।
