विराट हिन्दू सम्मेलन में एकता का आह्वान: सशक्त समाज ही बनेगा सुरक्षा कवच
दिल्ली एनसीआर संत महामंडल के महामंत्री महामंडलेश्वर श्री नवल किशोर दास जी रामायणी व महामंडलेश्वर श्री रामगोविन्द दास महात्यागी जी महाराज दीप प्रज्वलित कर "विराट हिन्दू सम्मेलन" का शुभारंभ करते हुए।
पूर्वी दिल्ली, अजीत कुमार। पूर्वी दिल्ली के कृष्णा नगर विधानसभा क्षेत्र स्थित बलदेव पार्क कम्यूनिटी सेंटर में 25 जनवरी 2026 को “विराट हिन्दू सम्मेलन” का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य बदलते सामाजिक और जनसंख्या संतुलन के दौर में हिन्दू समाज को संगठित करना, उनमें नई ऊर्जा का संचार करना और समाज के प्रति चेतना को मजबूत करना रहा। यह आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में चल रहे हिन्दू जनजागरण अभियान के तहत किया गया।
सम्मेलन का संरक्षण संघ के प्रखर वक्ता श्याम सुंदर वार्ष्णेय ने किया, जबकि अध्यक्षता समाजसेवी राजीव शर्मा ने की। सतीश चौधरी और विमल पांडे के कुशल संयोजन में कार्यक्रम संपन्न हुआ। आयोजन की सफलता में जिला कार्यवाहक लोकेश शर्मा का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। सम्मेलन के दौरान मेट्रो हॉस्पिटल, प्रीत विहार और भीष्म लाल शर्मा चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त प्रयास से निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों की जांच की गई।
सम्मेलन में दिल्ली एनसीआर संत महामंडल के महामंत्री और हिन्दू समाज के प्रखर प्रवक्ता महामंडलेश्वर श्री नवल किशोर दास जी महाराज तथा महामंडलेश्वर श्री रामगोविंद दास महात्यागी जी महाराज ने मुख्य रूप से मार्गदर्शन दिया। इसके अलावा आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी श्री हरि वोल्कर जी और प्रखर वक्ता श्री विक्रमादित्य ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में स्थानीय विधायक डॉ. अनिल गोयल, निगम पार्षद मीनाक्षी शर्मा, पूर्व महापौर श्याम सुंदर अग्रवाल, डिप्टी चेयरमैन राजू सचदेवा, पूर्व विधायक नसीब सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।
महामंडलेश्वर श्री नवल किशोर दास जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज के दौर में हिन्दू समाज का संगठित और सशक्त होना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि हिन्दुओं की एकता ही उन्हें सशक्त सुरक्षा कवच प्रदान कर सकती है। जाति, वर्ग, भाषा और क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर एकजुट होना ही भारत की एकता और अखंडता को मजबूत करेगा। उन्होंने इतिहास का उदाहरण देते हुए कहा कि कभी काबुल और लाहौर जैसे क्षेत्रों में भी बड़े हिन्दू आयोजन होते थे, लेकिन समाज के बंटने और परंपराओं से दूर होने के कारण वहां हिन्दू इतिहास बनकर रह गए।
आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी श्री हरि वोल्कर जी ने कहा कि संघ का उद्देश्य कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण, नागरिक कर्तव्य और सामाजिक समरसता को समाज तक पहुंचाना है। उन्होंने जोर दिया कि सनातन परंपराओं से दूरी समाज को कमजोर करती है। वहीं, वक्ता श्री विक्रमादित्य ने कहा कि हिन्दू समाज को राष्ट्र और समाज की रक्षा के लिए सक्षम और जिम्मेदार नेतृत्व तैयार करना होगा। कुल मिलाकर विराट हिन्दू सम्मेलन एकता, संगठन और सामाजिक चेतना का संदेश देता हुआ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
