September 13, 2026

कामयाबी के कदम: नैंसी ने जेआरएफ में देशभर में प्रथम रैंक हासिल कर रचा इतिहास

Sonipat: Nancy makes history by securing the all-India first rank in JRF.

सोनीपत: नैंसी अपनी सास सराेज बाला के साथ।

सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत जिला में गन्नौर के गांव ठरू की 27 वर्षीय नैंसी ने यूजीसी-सीएसआईआर जूनियर रिसर्च फेलोशिप परीक्षा में देशभर में प्रथम रैंक हासिल कर परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता से पीहर इशराना और ससुराल ठरू में खुशी का माहौल है। नैंसी फिलहाल शिव नादर विश्वविद्यालय से भौतिक विज्ञान में पीएचडी कर रही हैं और उनका शोधकार्य अंतिम वर्ष में है।

नैंसी ने दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल से भौतिक विज्ञान में एमएससी की थी। एमएससी में प्रवेश के लिए हुई परीक्षा में भी उन्होंने प्रथम रैंक हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने पीएचडी में दाखिला लिया। पीएचडी के दौरान शोधकार्य के सिलसिले में उन्हें जर्मनी जाने का अवसर भी मिला।

जेआरएफ की तैयारी नैंसी करीब चार साल से कर रही थीं। उन्होंने ऑनलाइन कोचिंग के साथ स्वाध्याय पर ज्यादा जोर दिया। विश्वविद्यालय में सुबह नौ से शाम पांच बजे तक कक्षाओं और शोधकार्य के बाद वह लाइब्रेरी में पढ़ाई करती थीं। परीक्षा की तैयारी के दौरान कई बार उनका पढ़ाई का समय रोजाना 14 से 16 घंटे तक पहुंच जाता था। नैंसी की शादी लगभग दो साल पहले ठरू गांव के अमित से हुई थी। शादी के बाद भी उनकी पढ़ाई और शोधकार्य निरंतर जारी रहा। वह छात्रावास में रहकर पीएचडी और परीक्षा की तैयारी करती रहीं। नैंसी अपनी सफलता में परिवार के सहयोग को अहम मानती हैं। उन्होंने ससुर अशोक कुमार, सास एवं ठरू ग्राम पंचायत की सरपंच सरोज बाला और जेठ भजपा के जिला महांमंत्री नीरज कुमार का विशेष रूप से आभार जताया।

नैंसी ने कहा कि ससुराल में उन्हें पढ़ाई जारी रखने के लिए पूरा सहयोग मिला। परिवार ने जरूरत पड़ने पर आर्थिक मदद भी की। उनका अगला लक्ष्य शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ना और विश्वविद्यालय में प्रोफेसर बनना है। उनका कहना है कि शादी के बाद परिवार का सहयोग मिले तो पढ़ाई और शोध को आगे बढ़ाना आसान होता है। सही दिशा, लगातार मेहनत और परिवार के भरोसे से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

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