सोनीपत क्राइम: सोनीपत के रिहायशी इलाके में एक कमरे से अवैध बम-पटाखे समेत एक काबू
सोनीपत: पुलिस द्वारा बम बनाने के सामान सहित गिाफ्तार युवक ।
सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत के गांव रोहट में रिहायशी इलाके के बीच किराये के मकान में बिना लाइसेंस बम-पटाखे तैयार किए जाने का मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने सूचना के आधार पर मकान की पहली मंजिल पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में तैयार सुतली बम, गोला बम, पोटाशियम क्लोराइड और पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की। मौके से बाबा कालोनी निवासी पवन को पकड़ा गया। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की शिकायत पर थाना सदर पुलिस ने विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को मंगलवार रात सूचना मिली थी कि गांव रोहट में एक व्यक्ति किराये का कमरा लेकर अवैध तरीके से बम-पटाखे तैयार कर रहा है। सूचना पर उड़नदस्ता और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम बनाई गई। इसमें उप अग्निशमन अधिकारी विनोद कुमार, निरीक्षक रोहताश सिंह, सहायक उप निरीक्षक राजेश कुमार और महिला सिपाही सीमा शामिल थीं। टीम गांव रोहट में सतीश के मकान पर पहुंची। पहली मंजिल के कमरे में पवन मिला।
कमरे की जांच के दौरान पांच हाइड्रो सुतली बम, तीन बड़े सुतली बम, 35 नाल वाले गोला बम और 715 सुतली बम बरामद हुए। सुतली बम बिना निशान और बिना बत्ती के थे। इसके अलावा 553 अखबार के रोल मिले, जिनमें पोटाशियम क्लोराइड भरा हुआ था। करीब 20 इंच लंबी और दो सेंटीमीटर चौड़ी लोहे की नाल तथा प्लास्टिक पन्नी में रखा पोटाशियम क्लोराइड भी मिला।
पुलिस के अनुसार बरामद पोटाशियम क्लोराइड का कुल वजन तीन किलो 750 ग्राम था। इसमें से 150-150 ग्राम के दो नमूने लेकर सीलबंद किए गए, जबकि बाकी तीन किलो 450 ग्राम सामग्री अलग प्लास्टिक जार में रखी गई। बम-पटाखों और अखबार के रोल को भी अलग-अलग कट्टों में डालकर पुलिस की मोहर से सील किया गया और सभी सामान को सबूत के तौर पर कब्जे में लिया गया।
पूछताछ में पवन ने बताया कि उसने मकान किराये पर लिया था और पहली मंजिल के कमरे में बम-पटाखे तैयार कर रहा था। टीम ने पटाखे बनाने तथा विस्फोटक सामग्री रखने से संबंधित लाइसेंस और अग्निशमन विभाग के दस्तावेज मांगे, लेकिन वह कोई वैध कागजात नहीं दिखा सका। कमरे में आग से बचाव के लिए कोई अग्निशमन उपकरण भी नहीं मिला।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि पवन कितने समय से पटाखे तैयार कर रहा था, तैयार बम-पटाखों की आपूर्ति कहां की जानी थी और इस काम में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।
