August 25, 2026

मथुरा: श्रीझूलेलाल चालिया पर्व के समापन पर सामुहिक यज्ञोपवीत संस्कार; सिंधी बच्चों ने धारण किया जनेऊ

Mass *Yajnopavita* ceremony at the conclusion of the Shri Jhulelal Chaliha festival: Sindhi children donned the sacred thread (*Janeu*).
  • सनातन संस्कारों की परंपरा को किया आत्मसात

मथुरा, किशोर इसरानी। पूजा, आरती, व्रत और धार्मिक अनुष्ठान के साथ लगातार 40 दिन तक चला वरूणावतार भगवान झूलेलाल चालिहा महोत्सव का श्रद्धापूर्वक समापन मंगलवार को हुआ, इस मौके पर सिंधी पुरोहित महाराज स्वामी पंडित श्री मोहनलाल शर्मा के सानिध्य में सामुहिक यज्ञोपवीत संस्कार कराया गया, जिसमें सिंधी बालकों ने जनेऊ धारण करके सनातन संस्कारों की परम्परा को आत्मसात किया।

Mass *Yajnopavita* ceremony at the conclusion of the Shri Jhulelal Chaliha festival: Sindhi children donned the sacred thread (*Janeu*).चालिया पर्व से जुड़े इस उत्सव की शुरुआत गोवर्धन रोड स्थित कृष्णा आर्चिड में महाराज स्वामी पंडित मोहनलाल शर्मा के निवास स्थान पर सजाए गए दरबार में भगवान झूलेलाल जी की आरती पूजन वंदन किया गया, वहीं इस मौके पर सजाए गए छप्पन भोग के भी दर्शनों का लाभ सभी ने प्राप्त किया। तदोपरांत नजदीकी रोजी गार्डन में आयोजित सामुहिक यज्ञोपवीत संस्कार तथा भजन संध्या का आयोजन किया गया।

मीडिया प्रभारी किशोर इसरानी ने बताया कि यज्ञोपवीत संस्कार के माध्यम से नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया गया। आज के आधुनिक दौर में बच्चों को अपनी परंपराओं, धार्मिक मूल्यों और संस्कारों से परिचित कराने का संदेश दिया गया।

Mass *Yajnopavita* ceremony at the conclusion of the Shri Jhulelal Chaliha festival: Sindhi children donned the sacred thread (*Janeu*).महाराज स्वामी पंडित श्री मोहनलाल शर्मा जी ने रायपुर, नागपुर, अयोध्या सहित मथुरा जनपद के कुल 10 सिंधी बालकों का सनातन पद्धति संग विधि विधान के साथ यज्ञोपवीत संस्कार जनेऊ धारण कराते हुए कहा कि जनेऊ केवल धागा नहीं है, इसका आध्यात्मिक और नैतिक महत्व भी है, उन्होंने इसे कर्तव्य, अनुशासन, संयम, सदाचार और ज्ञान की ओर बढ़ने का प्रतीक बताते हुए कहा कि जनेऊ धारण करने को धार्मिक आस्था के साथ-साथ संस्कार और जिम्मेदारी की शुरुआत के रूप में प्रस्तुत किया जाए। यज्ञोपवीत पूजन कार्य में पंडित सुनील शर्मा और धीरज शर्मा ने भी सहयोग किया।

इस आयोजन में मथुरा शहर की सभी सिंधी पंचायत एवं संगठनों के पदाधिकारियों एवं तमाम सिंधीजनों ने बल्लभग्राम राजस्थान की घनश्याम दास एंड पार्टी के सिंधी कलाकारों की प्रस्तुतियों में खुद को रंगा, हर कोई भगवान झूलेलाल के जयकारों एवं तरानों में डूबा दिखा। इसमें महिलाएं और बच्चे काफी उत्साहित दिखे।

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