सोनीपत: जिला परिषद बैठक में गोरिल्ला बनकर पहुंचे पार्षद, पेंशन कटौती पर विरोध
सोनीपत: गुरिल्ल के भेष में विरोध प्रदर्शन करते हुए जिला पार्षद।
सोनीपत, अजीत कुमार। जिला परिषद की बैठक में जिला पार्षद संजय बड़वासनिया ने बिगड़ती कानून व्यवस्था, लगातार बढ़ती महंगाई, बुजुर्गों की पेंशन काटे जाने, अधिकारियों की मनमानी और भ्रष्टाचार के विरोध में अनोखे ढंग से प्रदर्शन किया। वह गोरिल्ला का रूप धारण कर बैठक में पहुंचे और जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
बड़वासनिया ने कहा कि बुढ़ापा पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांग पेंशन लगातार काटी जा रही हैं। बुजुर्ग अपनी पेंशन ठीक करवाने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समय पर समाधान नहीं हो रहा। उन्होंने गांवों में पेंशन संबंधी शिविर लगाने तथा शहर में वार्ड स्तर पर शिविर आयोजित करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम आदमी के घर का बजट बिगड़ गया है। पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दाम, बेरोजगारी और कमाई के सीमित साधनों के कारण लोग परेशान हैं। सफाई कर्मचारी, पटवारी, किसान, मजदूर और व्यापारी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी आवाज उठाने वाले समाजसेवियों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और कुछ अधिकारी मनमानी कर रहे हैं।
बड़वासनिया ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के साथ किसी भी अधिकारी का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो अधिकारी समय पर काम नहीं करेगा या लापरवाही बरतेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो अधिकारियों के खिलाफ धरना दिया जाएगा और कार्यालयों के बाहर आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने परिवार पहचान पत्र में अधिक आय दर्ज होने के कारण बीपीएल कार्ड काटे जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि तीन लाख रुपये से अधिक पारिवारिक आय दिखने पर बुजुर्गों की पेंशन काटी जा रही है, जबकि पेंशन बुजुर्गों के सम्मान के लिए है।
जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने गांवों और शहरों में पेंशन संबंधी शिविर लगाने तथा लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। बैठक में जिला पार्षद संत कुमार, देवेंद्र कुमार, प्रदीप, संदीप और कुलदीप सहित अन्य मौजूद रहे।
